किसान आंदोलन:किसानों ने शहीद भगतसिंह को महान क्रांतिकारी वैज्ञानिक, दूरदर्शी और सबसे बड़ा बलिदानी बताया

चरखी दादरी2 महीने पहले
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कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर मौजूद किसान। - Dainik Bhaskar
कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर मौजूद किसान।
  • कितलाना टोल पर किसानों का धरना जारी, शहीद भगतसिंह जयंती भी मनाई

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद को अभूतपूर्व सफल बनाने के लिए दादरी से निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप चालीस के प्रधान सोमबीर सांगवान ने शहरवासियों के साथ आमजन का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि किसानों के कारण ही व्यवसाय फलता फूलता है जिसे व्यापारियों और दुकानदारों ने बखूबी समझा है और उन्होंने जबरदस्त समर्थन देकर किसानों का हौंसला बढ़ा सरकार पर दबाव बनाया है।

उनके अनुसार ये किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और कर्मचारियों की एकजुटता सरकार को झुकने पर विवश कर देगी। उन्होंने कहा कि खापों के साथ इलाके के विभिन्न संगठनों ने सरकार की आंखें खोलकर रख दी हैं। सरकार को जल्द तीन काले कानून रद्द करने के साथ एमएसपी की गारंटी देनी होगी।

धरने पर किसान सभा के कामरेड ओमप्रकाश ने अपने संबोधन में शहीद भगतसिंह की 114वीं जयंती के मौके पर उन्हें एक महान क्रांतिकारी, वैज्ञानिक व दूरदर्शी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भगत सिंह ने 23 वर्ष की अल्पायु में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनको भारत रत्न से सम्मानित किया जाए वह भी कम है।

उन्होंने देश की आजादी के बाद किसान मजदूर का राज लाकर शोषणहीन समाज बनाने का संकल्प लिया था जहां जाति-पाति व मजहबी कट्टरता के लिए कोई जगह नहीं होती। आज उन्हीं की विचारधारा को लेकर किसान आंदोलन आगे बढ़ रहा है और एक शोषणहीन समाज बनाने की बुनियाद रख रहा है।

इसके लिए काम करना ही उनके जन्म दिन मनाने की सार्थकता होगी। कितलाना टोल पर धरने के 278वें दिन सांगवान खाप चालीस से नरसिंह सांगवान डीपीई, फौगाट खाप से अतर सिंह, किसान सभा से प्रताप सिंह सिंहमार, बलबीर सिंह बजाड़, सुभाष यादव, रामफल देशवाल, सविता, रतनी, कृष्णा व प्रेम शर्मा ने अध्यक्षता की।

यहां मा. ताराचंद, सुरजभान, आजाद सिंह फौजी, धर्मेद्र, मा. सुरेंद्र, दिलबाग ढुल, नरेंद्र, रणधीर, ईश्वर सिंह कन्नी प्रधान, मुन्ना पंडित, जयप्रकाश प्रजापति, जयपाल, रामानंद, शब्बीर हुसैन, शमशेर सांगवान, सत्यवान, बलजीत आदि मौजूद थे।

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