किसान आंदोलन:सरकार जन आंदोलन को जातिवादी हिंसा में धकेलने की नापाक कोशिश कर रही: किसान

चरखी दादरी22 दिन पहले
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कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर मौजूद किसान। - Dainik Bhaskar
कितलाना टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर मौजूद किसान।
  • जेजेपी नेता अजय सिंह चौटाला का आज दादरी पहुंचने पर किया जाएगा विरोध

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तीनों कृषि विरोधी काले कानूनों को रद्द करवाने तथा एमएसपी की संवैधानिक गांरटी लागू करवाने वास्ते चल रहा किसान आंदोलन एक ऐतिहासिक व्यापक जन आंदोलन बन चुका है। आज जब भाजपा सरकारों ने सभी जातियों के कमेरे वर्ग पर हमला किया है तो मुकाबला भी सभी एकजुट होकर मिलजुलकर करेंगे। ये बात कितलाना टोल पर धरने को संबोधित करते हुए किसान यूनियन पानीपत के प्रधान सुरेंद्र उर्फ सोनू मालपुरिया ने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की केन्द्र सरकार व राज्य सरकारें किसान आंदोलन की भारी उपेक्षा कर रही है तथा इस जन आंदोलन को सही रास्ते से भटका कर जातिवादी हिंसा में धकेलने की नापाक कोशिश कर रही हैं। लेकिन अब सभी लोग इनकी साजिश को बखूबी समझ गए हैं और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से सफलतापूर्वक चला रहे हैं। सांगवान खाप चालीस के सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई ने घोषणा करते हुए कहा कि 7 नवंबर को दादरी में जेजेपी के सर्वेसर्वा नेता अजय सिंह का दादरी पहुंचने पर भारी विरोध किया जाएगा तथा उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे।

उन्होंने सभी खापों, किसान मजदूर संगठनों से अपील करते हुए कहा कि इस विरोध कार्यक्रम में सुबह 10 बजे ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान मजदूर दादरी पहुंचें। कितलाना टोल पर चल रहे धरने के 316वें दिन सांगवान खाप से नरसिंह सांगवान डीपीई, किसान सभा से रणधीर, युवा कल्याण संगठन से कमल प्रधान, दिलबाग ढुल, चौगामा खाप से रणसिंह, राजबाला, प्रेम शर्मा व जाटू खाप से मा. राजसिंह ने अध्यक्षता की।

मंच संचालन किसान सभा के कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर फूलकुमार, मा. ताराचंद कन्नी प्रधान, सूरजभान कन्नी प्रधान, सुरेंद्र, रणधीर, बलबीर सिंह बजाड़, धर्मेंद्र, रतन जिंदल, संतोष देशवाल, सुशीला, मदनलाल, मुन्ना पंडित, रामफल देशवाल, कप्तान रामफल, शब्बीर हुसैन, ओमप्रजापति, राजेंद्र जांगड़ा, बुजनराम जांगड़ा, सूबेदार सतबीर सिंह शामिल थे।

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