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अच्छी पहल:जिले के सभी गांवों में सोखते गड्‌ढों से किया जाएगा भूमिगत जल स्तर में सुधार, 69 का हो चुका निर्माण

चरखी दादरी20 दिन पहले
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दादरी। सूखा गड्ढा बनाते मजदूर। - Dainik Bhaskar
दादरी। सूखा गड्ढा बनाते मजदूर।

जिला के सभी गांवों में सोखते गड्ढे बनाने की योजना है। अभी तक विभिन्न गावों में 69 सोखते गड्ढो का निर्माण करवाया जा चुका है ताकि बरसात के पानी के माध्यम से जिला में घटने भूमिगत जल स्तर को सुधारने के लिए ठोस व्यवस्था की जा सके। दादरी जिला का बहुत सा क्षेत्र ऐसा है, जिसमें भूमिगत जल हजारों फुट नीचे चला गया है। पानी के ज्यादा दोहन और गलत प्रयोग के चलते ऐसा हुआ है।

इसके कारण जिला का बाढड़ा ब्लॉक डार्क जॉन में भी शामिल किया जा चुका है। अब जल शक्ति अभियान के तहत भूमिगत जल स्तर के सुधार के लिए किए जा रहे कार्य से उम्मीद बंधी है। जिला प्रशासन जल संरक्षण को लेकर काफी गंभीर है।

जिला के सभी गांवों में बनेंगे सोखते गड्‌ढे

इसी कड़ी में उपायुक्त अमरजीत सिंह मान के निर्देशों पर प्रशासन ने जिला के सभी गांवों में सोखते गड्ढे बनाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में जल शक्ति अभियान में मनरेगा योजना के तहत अभी तक जिला के विभिन्न गांवों में 69 सोखते गड्ढे बनाए जा चुके हैं। इससे मनरेगा में काम करने वाले लोगों भी रोजगार मिल रहा है और वे अपने परिवार का सही ढंग से पेट भर पा रहे हैं। अब जिला के चारों ब्लॉक में 20-20 सोखते गड्ढे बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके बाद तीसरे चरण की शुरूआत की जाएगी और उसमें जिला के सभी गांवों में सोखते गड्ढो का निर्माण किया जाएगा।

यह है जमीन में पानी पहुंचने की प्रक्रिया

इन सोखते गड्ढो का निर्माण भी बेहतरीन तकनीक के साथ किया जा रहा है। गड्ढो का साइज 6 गुणा 6 गुणा 6 है। सबसे पहले जमीन में निर्धारित आकार का गड्ढा खाेदा जाता है और फिर उसके अंदर आरसीसी सीमेंट के बने रिंग जिसमें चारों और छेद होते है जमीन की सतह तक डाले जाते हैं। उसके बाद गड्ढे में खाली बची जमीन में ईंट और पत्थर के रोडे भरे जाते हैं। सतह पर रिंग के ऊपर ढक्कन लगाया जाता है और उसमें एक पाइप फिट कर दिया जाता है। इस पाइप को भवन की छत अथवा ऐसी जगह से जोड़ा जाता है जहां से आसानी से बरसात का पानी आ सके।

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