राजकीय महाविद्यालय में व्याख्यान का किया आयोजन:राष्ट्रीय कार्यशाला में विद्यार्थियों से किया ऑक्सीजन पार्क लगाने का आह्वान

चरखी दादरी2 दिन पहले
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गांव बिरोहड़ के राजकीय महाविद्यालय के प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के तीसरे दिन ‘इतिहास और पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में विभिन्न अवसरों’ विषय पर व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। प्लेसमेंट सेल प्रभारी डॉ. अमरदीप ने कहा कि इतिहास और पर्यावरण के बीच में अतीत, वर्तमान और भविष्य के संदर्भ में गहरा संबंध है इन दोनों का संरक्षण करना हर विद्यार्थी और व्यक्ति मात्र का कर्तव्य है। साथ ही इन दोनों क्षेत्रों में आज के दौर में रोजगार के बहुत सारे विकल्प उभर रहे है। ग्रीन मैन के नाम से प्रसिद्ध प्रोफेसर दलजीत कुमार, देश बंधु गुप्ता देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय पानीपत, ने कहा कि इतिहास के क्षेत्र में अध्यापन के अलावा इतिहासकार, पुरातत्वविद, संग्रहालय एवं अभिलेखागार अधिकारी के पद जैसे अनेक रोजगार उपलब्ध है।

इसके साथ-साथ इतिहास से संबंधित फिल्मों, नाटकों इत्यादि के माध्यम से फिल्मी दुनिया में स्क्रिप्ट राइटर, सोशल मीडिया के दौर में यूट्यूबर, ब्लॉगर इत्यादि के आकर्षक रोजगारोन्मुखी कार्य है। पर्यावरण के क्षेत्र में स्वयं की नर्सरी नर्सरी लगाने की से लेकर भारतीय वन सेवा अधिकारी बनने तक के असीम अवसर विद्यार्थियों के सामने हैं। पर्यावरण संरक्षण के कार्य में रोजगार के साथ-साथ विद्यार्थी समाज, राष्ट्र और धरती माता की भी सेवा कर सकते हैं जिसकी वर्तमान ग्लोबल वार्मिंग के दौर में अत्यधिक आवश्यकता है। प्रोफेसर दलजीत ने स्वयं इसराना, बडौता, सोनीपत और रोहतक में जैविक खाद केंद्रों की स्थापना करके इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं की जानकारी दी।

साथ ही जिस प्रकार पूरी दुनिया ने वर्तमान कोविड-19 दूसरी लहर के दौर में ऑक्सीजन की कमी से पीड़ित रही, उससे सबक लेते हुए विद्यार्थियों से ऑक्सीजन पार्क लगाने का आह्वान किया जिससे वे ‘आधुनिक वायु/प्राण देवता’ के रूप में प्रसिद्ध हो सकते हैं। पर्यावरण के क्षेत्र में पर्यावरण वकील, पर्यावरणविद, पर्यावरण इंजीनियर और भारतीय वन सेवा इत्यादि में भी अपना भविष्य उज्जवल कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय कार्यशाला सह संयोजक शिवांशी शर्मा ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद करते हुए कहा कि वर्तमान समय में इतिहास और पर्यावरण के क्षेत्र में विद्यार्थी अपना सुनहरा भविष्य तलाश कर सकते हैं। कार्यशाला के संरक्षक और प्राचार्य राजकुमार वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल परंपरागत क्षेत्रों में नहीं बल्कि आजकल नए क्षेत्र में भी अपनी रोजगार की तलाश करनी चाहिए। इस कायर्क्रम को डॉ. अनीता रानी, पवन कुमार, निशा रानी, शिवांशी शर्मा, इत्यादि ने सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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