कोविड-19:मॉलिक्यूलर लैब के लिए पहुंची मशीनें, अगले महीने ही शुरू हो जाएगी, हररोज 500 टेस्ट की होगी क्षमता

चरखी दादरी2 महीने पहले
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  • तीसरी लहर से पहले ही सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में स्थापित होगी मॉलिक्यूलर लैब, ढांचे के लिए 11 को खुलेगा टेंडर

इस बार स्वास्थ्य विभाग जिले में कोरोना संक्रमण की चेन बढ़ने से पहले ही वायरस पर काबू पा लेगा। क्योंकि तीसरी लहर आने से पहले ही जिले में मॉलिक्यूलर लैब शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मशीनें भेज दी हैं और ढांचा तैयार करने के लिए पीडब्लूडी के माध्यम से टेंडर कॉल भी कर दी है।

अब सैंपलों की जांच अपने ही जिले में की जा सकेगी। फिलहाल कोरोना के सेंपल टेस्ट के लिए रोहतक या अन्य जगहों पर भेजे जाते थे। जहां से सेंपल रिपोर्ट मिलने में 5 से 7 दिन का समय लग जाता था। अगर इनमें से कोई संक्रमित है तो वह रिपोर्ट आने तक पता नहीं कितने लोगों के संपर्क में जाकर संक्रमण की चेन बढ़ा चुका होता है। यहीं कारण है कि इस बार चेन तोड़ने के लिए पहले ही तैयार कर ली गई है।

ज्यादा सैंपल आए तो दूसरे जिलों में भेजने पड़ेंगे

जिले में जो एलाइजा मशीन भेजी गई है उससे हररोज करीब 500 कोरोना सैंपलों की जांच की जा सकेगी। वहीं अगर ज्यादा सेंपल आ रहे हैं तो अभी भी उन्हें दूसरे जिलों में ही टेस्ट करवाने के लिए भेजना पड़ेगा। फिलहाल जो सेंपल ज्यादा हैं उन्हें बाहर भेजने पर रिपोर्ट काफी ज्यादा देरी से मिलेगी। मगर लगातार अगर जिले में ही थोड़े थोड़े टेस्ट किए जाएंगे से दूसरे जिलों से पहले ही टेस्ट िकए जा सकेंगे।

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