6 ईएमटी ने हैदराबाद से प्रशिक्षण लिया:एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस में अब मरीजों को मिलेगा बेहतर ट्रीटमेंट,

चरखी दादरी11 दिन पहले
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  • बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए एंबुलेंस की गईं उपकरणों से लैस, रोडवेज से दो बसेंे व 10 चालक भी मिले

कोरोना महामारी में रेफर होने वाले मरीजों को अब एंबुलेंस में ही एडवांस ट्रीटमेंट के लिए सुविधाएं मिलेंगी। जो काफी गंभीर मरीजों को बचाने में काफी हद तक प्रभावशाली है। जिले में फिलहाल दो एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं। लेकिन अब 6 अन्य सामान्य एंबुलेंसों को भी वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाओं से युक्त कर एडवांस बनाया जाएगा। इसके लिए सभी एंबुलेंस को एडवांस बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा महामारी के दौरान एंबुलेंस व चालकों की कमी न खले इसलिए रोडवेज बसों सहित चालक भी डेपुटेशन पर बुलाए गए हैं।
जिले में हैं कुल 21 एंबुलेंस : जिले में कुल 21 एंबुलेंस हैं और इनमें से दो एंबुलेंस आधुनिक यानि एडवांस लाइन सपोर्ट एंबुलेंस हैं। इसके अलावा 12 बीएलएस एंबुलेंस, पीटीएस 6 एंबुलेंस और एमएमयू 1 एंबुलेंस है।

6 बीएलएस को बनाएंगे एडवांस, सप्ताह में मिलने लगेगी सुविधा

जिले में 12 बीएलएस एंबुलेंस हैं। जिनमें सिर्फ ऑक्सीजन, ईसीजी व बीपी जांच की सुविधा होती है। अब इनमें से 6 बीएलएस एंबुलेंसों को एडवांस बनाया जाएगा। इन 6 बीएलएस में वेंटिलेटर, डबल ऑक्सीजन सिस्टम, फुल एसी, बीपी मॉनिटर, ईसीजी, सेक्शन मशीन, कॉर्डिएक मॉनिटर की सुविधा दी जाएगी। एडवांस एंबुलेंस बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह सभी मशीने व वेंटिलेटर भी जिला स्वास्थ्य विभाग को मिल चुके हैं। जिन्हें लगवाने का कार्य शुरु हो चुका है। एक सप्ताह में ही 8 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की सुविधा हो जाएगी।

दो पिंक बसें और 10 चालक डेपुटेशन पर भेजे गए

कोरोना महामारी के दोरान ज्यादा केस बढ़ते ही एंबुलेंसों की जरूर सबसे ज्यादा होती है। वहीं लॉकडाउन जैसे हालात होने पर गांव गांव जाकर लोगों का उपचार करना पड़ता है और उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं। इन हालातों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज से 5 बसें और 10 चालकों की डिमांड भेजी थी। लेकिन रोडवेज की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को फिलहाल दो पिंक बसें और 10 चालक डेपुटेशन पर भेज दिए गए हैं। जरूरत के आधार पर यह संख्या ओर भी बढ़ाई जा सकती है।

एंबुलेंस सर्विस 24 घंटे रहेगी उपलब्ध

जिले में कुल 21 एंबुलेंस हैं। इन्हें चलाने के लिए विभाग के पास 31 चालक हैं। इन 31 चालकों को ही इन एंबुलेंसो को दिन रात चलाना है। एंबुलेंसों में ही संक्रमित मरीजों को घर से लेकर आना पड़ेगा और रेफर करने पर दूसरे जिलों में भी लेकर जाना होगा। ऐसे में इन चालकों व इएमटी के लिए सिविल अस्पताल में ही ठहरने का प्रबंध किया जाएगा।

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