जिले की सड़कों पर ओवरलोड वाहनों से जाम:छोटे वाहन चालकों का शाम और रात को सड़क पर निकलना हुआ मुश्किल

चरखी दादरी2 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
शहर के हाईवे में बड़े वाहनों द्वारा लगे जाम में फंसे छोटे वाहन चालक। - Dainik Bhaskar
शहर के हाईवे में बड़े वाहनों द्वारा लगे जाम में फंसे छोटे वाहन चालक।

जिले को चारों तरफ प्रतिदिन ट्रकों के जाम ने बंधक बना लिया है। आम आदमी का जीना दुर्भर हो गया है। दूसरी तरफ ट्रकों के धुएं से वातावरण प्रदूषित हो चुका है जिससे आम आदमी को सांस लेने में भी दिक्कतें आ रही है। चरखी दादरी क्षेत्र खनन का इलाका है, यहां से प्रतिदिन करोड़ों रूपये की आमदनी राजस्व विभाग को हो रही है। बावजूद इसके सरकार व प्रशासन द्वारा चरखी दादरी में ट्रांसपोर्ट की उचित व्यवस्था नहीं की हुई है। ये बात अधिवक्ता संजीव तक्षक ने प्रेस को जारी बयान में कही।

तक्षक ने बताया कि चरखी दादरी से प्रतिदिन हजारों ट्रक एनसीआर के लिए निकलते है तथा वहां से खाली होकर वापस आते है, लगभग शाम को 4 बजे से लेकर रात के 10 बजे तक आम आदमी को चरखी दादरी शहर को पार करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। एक तरफ दादरी क्षेत्र के लोगों को प्रदूषण की समस्या झेलनी पड़ रही है तो वहीं आने-जाने में भी अनेकों समस्याएं उत्पन्न होती है। हालांकि बीते दिनों तक ये सामान्य बना हुआ था। ट्रकों के जाम में फंसे रहने की वजह से क्षेत्र में वायु प्रदूषण का स्तर काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। ये सभी के लिए चिंता का विषय है। शहरी क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों तथा संबंधित विभागों को व्यापक स्तर पर कदम उठाने की जरुरत है।

तक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा यदि सर्वे करवाया जाता है तो चरखी दादरी क्षेत्र की 40 से 50 प्रतिशत जनसंख्या अस्थमा की बीमारी से ग्रस्त मिलेगी। चरखी दादरी की जनसंख्या के उक्त समस्या के समाधान के लिए सरकार को शीघ्र ही एक रिंग रोड़ का निर्माण करना चाहिए, ताकि आम जन स्वतंत्र रूप से शुद्ध वातावरण में अपना जीवनयापन कर सके। तक्षक ने यह भी कहा कि ज्यादा भीड़ भाड़ होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं बढ़ रही है, जिससे आमजन भय के साये में सड़कों पर निकलता है।

तक्षक ने दादरी प्रशासन व हरियाणा सरकार से अपील की है कि चरखी दादरी जिले एवं जनता के विकास के लिए शीघ्र ही एक रिंग रोड़ मुहैया करवाया जाए एवं वातावरण को स्वच्छ बनाने के उचित कदम उठाएं जाएं।

खबरें और भी हैं...