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परेशानी:बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने पर 4 साल से स्ट्रीट लाइटें बंद

बाढड़ा7 दिन पहले
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कस्बे की सड़कों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाईटें। - Dainik Bhaskar
कस्बे की सड़कों पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाईटें।
  • लोगों ने प्रशासन से की कस्बे की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बिल के भुगतान की व्यवस्था कर दोबारा चालू करवाने की मांग

कस्बे की सड़कों को रोशन करने के लिए सरकार द्वारा लगवाई गई स्ट्रीट लाइटें बिजली बिलों का भुगतान के पैसे नहीं होने के कारण पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी हैं इससे शाम ढलते ही कस्बे की सड़कें अंधेरे में डूब जाती है। प्रशासन द्वारा स्ट्रीट लाइटों की सुध ना लेने से कस्बावासियों व ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

सरकार व प्रशासन ने सात वर्ष पूर्व कस्बे की सड़कों पर रात्रि में रोशनी के लिए लाखों रुपये खर्च कर सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थी। प्रशासन व ठेकेदार ने शुरूआत में ग्राम पंचायत बाढड़ा के नाम स्ट्रीट लाइटों का बिजली कनेक्शन करवा दिया तथा मीटर लगवा कर लाइटों को चालू करवा दिया।

इस दौरान कुछ माह का बिजली बिल अग्रिम जमा करवा दिया लेकिन धीरे-धीरे कस्बे की स्ट्रीट लाइटों का बिजली बिल बकाया होता चला। ग्राम पंचायत के पास बिजली बिल के भुगतान के लिए राशि नहीं होने के कारण बिजली निगम को भुगतान नहीं हो पाया।

इससे बिजली निगम का स्ट्रीट लाइटों के कनैक्शन पर लगभग सात लाख रुपये की राशि बकाया होने पर बिजली निगम ने बिल की बकाया राशि का भुगतान न होने पर स्ट्रीट लाइटों का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली कनेक्शन कटने के कारण पिछले चार वर्षों से लाखों रुपये की राशि खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी है।

स्ट्रीट लाइटें बंद हाेने के कारण सांझ ढलते ही कस्बे की सड़कें अंधेरे में डूब जाती है। इससे कस्बे के व्यापारियों में चोरी होने का भय बना रहता है वहीं दुकानदारों व राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी कटार सिंह, नरेन्द्र, राजबीर, सतपाल आदि ने प्रशासन से मांग की है कि कस्बे की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के बिल के भुगतान की व्यवस्था कर स्ट्रीट लाइटों को पुन: चालू करवाया जाए ताकि लोगों को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।

बिलों के भुगतान के लिए नहीं बजट

पंचायत के पास लाइटों के बिलों के भुगतान करने के लिए बजट नहीं है। उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर बार-बार समस्या से अवगत करवाया जा रहा है। प्रशासन को बिलों के भुगतान के लिए शीघ्र बजट देना चाहिए ताकि कस्बे की सड़कें रोशन रह सकें।'' -राकेश श्योराण, निवर्तमान सरपंच

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