आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने थाली बजा किया प्रदर्शन:लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए सात दिनों से लघु सचिवालय में मांगों को लेकर दिया जा रहा है धरना

चरखी दादरीएक महीने पहले
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शहर में प्रदर्शन करती आंगनवाड़ी यूनियन सदस्य। - Dainik Bhaskar
शहर में प्रदर्शन करती आंगनवाड़ी यूनियन सदस्य।

पिछले सात दिनों से अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लघु सचिवालय परिसर में धरना दे रही आंगनबाडी वर्कर्स व हेल्पर यूनियन द्वारा मंगलवार को नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान थाली बजाते हुए बहरी सरकार के कानों तक अपने हकों व मांगों की आवाज को उठाया गया।

एसकेएस के पदाधिकारियों की उपस्थिति में नगर के परशुराम चौक सहित अन्य स्थानों से यह रोष जुलूस जिला प्रधान सुनिता रामबास की अगुवाई में निकला। संचालन अनिल श्योराण ने किया। सीआईटीयू जिला प्रधान कमलेश ने कहा कि अगर सरकार आंगनबाडी वर्कर्स व हैल्पर की मांगों को नही मानती तो आशा वर्कर्स भी उनके साथ मिलकर धरना व प्रदर्शन करेगी।

उन्होने बताया कि मुख्य मांगे आंगनबाडी वर्कर से सुपरवाजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति बिना किसी शत को लागू किए हुए, आईसीडीएस में खाली पडे हैल्पर, वर्कर, सुपरवाईजर, सीडीपीओ, पीओं के पदों को तुरंत प्रभाव से भरना, मिनी आंगनबाडी केंद्र में हैल्पर की भर्ती, वर्कर्स व हैल्पर को सरकारी कर्मी का दर्जा देना व तब तक 24 हजार व 16 हजार माह देना, प्रधानमंत्री द्वारा 2018 में किए वायदे वर्कर्स को 1500 व हैल्पर को 750 की बढौत्तरी, रिटायरमेंट पर 5 लाख, हैल्पर को 3 लाख का लाभ, आंगनबाडी केंद्रों का शहरी किराया 5 हजार व ग्रामीण का 3 हजार दिया जाए।

दूसरे विभागों की तर्ज पर इलाज का खर्चा, मृत्यु पर आश्रित को 3 लाख दिए जाए। वर्दी भत्ता सालाना 2600 हो। वर्कस व हैल्पर को गर्मी, सर्दी का अवकाश दिया जाए आदि पिछले लंबे समय से लंबित है। इस दौरान जिला प्रधान राजकुमार, सत्यवीर सरोहा, सुभाष फौजी, विजय लांबा, कृष्ण, मोनिका, पूनम, सुलीन, शर्मिला, प्रोमिला, रामदेई, कृष्णा, नीलम, संतोष, संतोष आदि मौजूद थी।

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