तैयारी:ओमिक्रॉन वैरिएंट से बच्चों को बचाने के लिए 10-10 बेड के बनाए दो कोविड सेंटर

चरखी दादरीएक महीने पहले
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बच्चों के लिए बनाया गया वार्ड। - Dainik Bhaskar
बच्चों के लिए बनाया गया वार्ड।
  • ऑक्सीजन प्लांट शुरू होते ही विभाग ने की 600 ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था

ओमिक्रॉन वैरिएंट के आने की संभावना को लेकर स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में आ गया है। नया वैरिएंट बच्चों पर ज्यादा प्रभावी बताया जा रहा है। इसलिए बच्चों के लिए अलग अलग जगहों पर दो वार्ड बनाकर उनमें वेंटिलेटर सहित अन्य उपकरणों को तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा महामारी में बिजली फाल्ट से परेशानी न बने इसलिए विभाग की तरफ से एडीसी को सभी सीएचसी व पीएचसी पर सोलर पावर सिस्टम लगाने की डिमांड भेजी गई है। ताकि बिना बाधा मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा सके।

हर स्तर पर कर रहे प्रबंध

शुरुआत से ही कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। इसलिए बच्चों के उपचार में कोई कमी न रहे इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में जीएच व एमएलआर में दो कोविड सेंटर बच्चों के लिए बनाए हैं। इन दोनों जगहों पर बच्चों के लिए 10-10 बेड लगाए गए हैं।

ऑक्सीजन प्लांट सहित सिलेंडरों की सुविधा
सिविल अस्पताल में 500 लीटर ऑक्सीजन का प्लांट शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा अलग अलग स्वास्थ्य संस्थानों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए विभाग ने 600 ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था कर ली है। यह सिलेंडर सभी सीएचसी व पीएचसी पर भी भेजे जाएंगे।

हल्के प्रेशर के लिए बच्चों के लिए आईं बाईपैप मशीनें
बच्चों के लिए विशेष तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने बाईपैप मशीनें मंगाई हैं। यह मरीज को वेंटिलेटर पर रखने से पहले बाईपैप मशीन से ऑक्सीजन दी जाएगी। बाईपैप मशीन हल्की प्रेशर से ऑक्सीजन देता है। जो काफी हद तक प्रभावी है। अगर ज्यादा दिक्कत है तब ही मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाएगा।

400 बेड्स पर रहेगी ऑक्सीजन की सुविधा

ओमिक्रॉन की तैयारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 400 ऑक्सीजन बेड की सुविधा कर ली है। इनमें सभी सीएचसी पर 10-10 बैड लगाए गए हैं। सभी पीएचसी पर 6-6 बैड लगाए गए हैं। इसके अलावा इमलोटा पीएचसी कोविड सेंटर में 50 बेड, सांवड़ पीएचसी में 30 बेड, बाढड़ा पीएचसी में 50 बैड रखवाए गए हैं। इसके अलावा जीएच में 80 बेड, एमसीएच में 60 बैड और एमएलआर कोविड सेंटर में 70 बेड की व्यवस्था की गई है।

11 से बढ़कर हुए 32 वेंटिलेटर
कोरोना की पहली लहर के दौरान जिले में मात्र 11 वेंटिलेटर ही थे। काफी कम वेंटिलेटर होने से मरीजों को रेफर किया जाता था। लेकिन दूसरी लहर के आखिर तक स्वास्थ्य विभाग के पास 32 वेंटिलेटर हो गए हैं।​​​​​​​

तीसरी लहर से लड़ने की पूरी तैयारी: सीएमओ
सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की संभावना को लेकर हमने पहले ही अपनी तैयारियां शुरु कर दी हैं। सभी संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर बिना बाधा के बिजली सप्लाई मिल सके इसके लिए एडीसी को सभी सीएचसी व पीएचसी पर सोलर पावर सिस्टम लगाने का डिमांड लेटर भी भेज दिया है।​​​​​​​

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