रोष प्रदर्शन:सिक्सलेन के लिए अधिग्रहित जमीन का समान अवार्ड न मिलने से नाराज किसान डीआरओ की गाड़ी के आगे लेटे

डबवालीएक महीने पहले
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डबवाली। एसडीएम कार्यालय के बाहर डीआरओ की गाड़ी के आगे लेटे किसानों को उठाने की कोशिश करते एसडीएम राजेश पूनिया। - Dainik Bhaskar
डबवाली। एसडीएम कार्यालय के बाहर डीआरओ की गाड़ी के आगे लेटे किसानों को उठाने की कोशिश करते एसडीएम राजेश पूनिया।
  • एसडीएम कार्यालय में किसानों व प्रशासन के बीच वार्ता विफल, किसानों ने की जोरदार नारेबाजी

शहर के उपमंडल कार्यालय में गुरुवार को किसान प्रतिनिधियों व अधिकारियों के बीच हुई। वार्ता के दौरान किसानों की मांग के अनुरूप समाधान ना होने के चलते किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर डीआरओ की गाड़ी के आगे लेट गए। जिसके बाद एसडीएम ने किसानों को मनाने की कोशिश की लेकिन रोष प्रदर्शन जारी रहा। जिसके बाद डीआरओ पीछे की और अपनी गाड़ी निकाल कर चले गए और किसानों ने रोष प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों पर सुनवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं।

उपमंडल अधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में किसानों के साथ एसडीएम डबवाली, डी आर ओ राजस्व विभाग व एनएचआई अधिकारियों ने चर्चा करते हुए किसानों को उनकी समस्या का निदान करने का आश्वासन देते हुए बनाने का प्रयास किया लेकिन किसान और अधिकारियों के बीच स्थाई समाधान का प्रस्ताव नहीं होने पर वार्ता बेनतीजा रही।

कामरेड राकेश फगोडिया, दयाराम उलानिया, पूर्व सरपंच बलकार सिंह अलिकां, मोहनलाल, कुलदीप भादू व अन्य ने बताया कि किसानों की मांग है कि सभी गावों में एक सामान अवार्ड बनाए जाएं। सभी को बराबर जमीन का मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों की जमीन सड़क के दोनों तरफ है उसके लिए पानी लगाने के लिए खाल और गांवों को दोनों तरफ सर्विस लेन दी जाए ताकि किसानों को अपने खेतों में जाने के लिए किस प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि जो 45 मीटर का अवार्ड बनाया गया है उसमें किसी भी गांव को नेशनल हाईवे पर लग रही भूमिका डीसी रेट 60 प्रतिशत नहीं दिया गया है।

इसके चलते किसान लंबे समय से विरोध कर रहे हैं और अधिकारियों को भी इस से अवगत करा चुके हैं इसके बावजूद उनका स्थाई समाधान करने की बजाय फूट डालकर खानापूर्ति करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसे किसान किसी भी तरह से स्वीकार नहीं करेंगे।

जब तक सभी किसानों को बराबर मुआवजा नहीं मिलता है तब तक सड़क नहीं बनने दी जाएगी। किसानों ने दोहराया कि वे सिक्सलाइन हाईवे बनाने के पक्ष में है लेकिन इसका निर्माण शुरू होने से पहले प्रत्येक किसान को उसकी भूमि के अनुसार उसके मुआवजा मिलना जरूरी है।

भारत माला सड़क परियोजना के तहत अमृतसर साहिब पंजाब से जामनगर गुजरात तक एन एच 754 के नाम से बनाई जा रही है। इसकी लम्बाई 917 किलोमीटर है और यह सिरसा जिला के 9 गावों से गुजरती है। जिसमें जोगेवाला, गांव डबवाली, अलीकां, शेरगढ़, सकता खेड़ा,अबूबशहर, आसाखेडा़, चौटाला, सुकेरा खेड़ा गांवों का एरिया आता है। उन्होंने बताया कि इसका अवार्ड टेंडर लगभग तीन साल पहले हुआ था। इसके बावजूद अब तक पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है।

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