राजस्व विभाग का सर्वे / रतिया क्षेत्र के 43 गांवों की 16 हजार हेक्टेयर भूमि मिली बाढ़ग्रस्त, राजस्व विभाग ने कृषि विभाग को सौंपी रिपोर्ट

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  • धान रोपाई के मामले में कृषि विभाग और सीएम करेंगे अंतिम निर्णय, कृषि विभाग ने लिया गांवों का जायजा
  • धान में रोपाई छूट के लिए किसान कर रहे बार-बार मांग

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:49 AM IST

फतेहाबाद. मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत रतिया के 50 फीसदी रकबा में धान की रोपाई पर रोक लगाने के बाद किसानों के विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा मांगी गई सूची में रेवन्यू विभाग ने रतिया के 43 गांवों की करीब 16 हजार हेक्टेयर भूमि को बाढ़ ग्रस्त बताया है। सर्वे रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी गई है। रतिया में धान लगाने की छूट मामले का लेकर अब कृषि विभाग व सीएम ही निर्णय लेंगे। 

कृषि विभाग ने रेवन्यू विभाग की रिपोर्ट के आधार पर गांवों का जायजा लिया। विभाग ने भी रिपोर्ट दी है कि इस जगह पर कौन कौन सी फसल हो सकती है। किस फसल को बाढ़ के पानी का कितना नुकसान है। टीम ने चेक भी किया कि पहले उक्त जगहों पर कौन कौन सी फसल थी। माना जा रहा है कि दो एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों के साथ घग्गर व रंगोई किनारे बसे बाढ़ संभावित गांवों को राहत मिल सकती है।

विभाग की सूची में ज्यादातर उन गांवों को शामिल किया गया है जिनमें बाढ़ के दौरान पानी भर जाता है। रतिया तहसील में कुल 64 गांव पड़ते है। कृषि विभाग के अनुसार रतिया क्षेत्र में कुल 32 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई की जाती है। इसमें 2200 एकड़ जमीन पंचायत की है।

रेवन्यू विभाग से ली है रिपोर्ट-डीडीए

^कृषि उपनिदेशक राजेश सिहाग ने कहा कि रतिया के बाढ़ संभावित रकबे की रिपोर्ट मांगी ली गई है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। धान लगाने पर रोक या छूट पर सरकार फैसला लेगी। हमने 43 गांवों के 16 हजार हेक्टेयर रकबे की सूची भेजी है।

किसानाें काे सहयोग करना चाहिए-एसडीएम
^एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल ने कहा कि आज भी किसानों की बैठक ली गई है। धान न लगाने को लेकर किसानों को आदेश नहीं बल्कि पानी बचाने को लेकर अपील कर रहे है। किसानों को सरकार व प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

छूट को लेकर सिफारिश की है-विधायक
^विधायक लक्ष्मण नापा ने कहा कि सीएम को रतिया क्षेत्र के बारे में बाढ़ संभावित क्षेत्र से अवगत करवाया है। बताया गया है कि रतिया में धान व गन्ना के अलावा दूसरी फसलें नहीं हो सकती। सर्वे करवा कर रिपोर्ट सीएम को भेज दी। इस पर सीएम ही निर्णय लेेगे।

रेवन्यू विभाग द्वारा तैयार रिपोर्ट में जमीन की स्थिति
गांव    काश्त    बाढ़ग्रस्त 
रतनगढ़    759    680
मिराना    370    350
बलियाला    714    600
ब्राह्मणवाला    1217    800
रोजावाली    266    220
नंगल    1039    728
बोड़ा    267    130
लुठेरा    108    105
लधुवास    954    330
सरदारेवाला    604    250
बबनपुर    983    655
बादलगढ़    1042    410
महमड़ा    612    312
कंवलगढ़    880    580
भानीखेड़ा    163    70
लांबा    865    860
घासवा    655    645
चिम्मों    320    240
कलंदगढ़    240    175
बुर्ज    480    300
एमपी सौत्र    575    532
कुनाल    667    618
गांव    काश्त    बाढ़ग्रस्त
भुंदड़वास    752    500
बाड़ा    355    255
निक्कुआना    197    97
रतिया    2413    886
नथवान    656    310
तेलीवाड़ा    460    350
कमाना    953    820
लाली    965    260
अहरवां    2185    972
पालसर    293    240
सेखुपुर सौत्र    240    200
रायपुर    441    380
पांडरी    122    100
शहनाल    556    15
गुुरुसर    457    457
मुंशीवाली    359    5 
सुखमनपुर    471    15
चंदोकलां    392    392
चंदोखुर्द    212    10
मघावाली    208    5
हासंगा    1299    350

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