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विधायक और किसानों में विवाद:4 घंटे जनसभा, 2 घंटे घेरा थाना, बलियावाला रेस्ट हाउस में डेढ़ घंटे बैठक, फिर कैंप ऑफिस में 1 घंटा वार्ता, नतीजा जीरो

टोहाना/जाखल20 दिन पहले
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टोहाना। अनाज मंडी की जनसभा में मंचासीन राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जोगेंद्र नैन व अन्य नेता। - Dainik Bhaskar
टोहाना। अनाज मंडी की जनसभा में मंचासीन राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जोगेंद्र नैन व अन्य नेता।
  • 105 घंटे के बाद विधायक बबली ने जताया खेद
  • गिरफ्तारियां देने से पहले ही पहुंचा बबली का संदेश, प्रशासन का स्पष्ट जवाब न मिलने पर फिर अटका मामला
  • गतिरोध... किसान जेल भेजे आरोपियों को छोड़ने की मांग पर अड़े, मांगें न मानने पर टिकैत बोले- यहीं लगा दो टेंट, रात 11 बजे खाया खाना

राकेश जैन/प्रमोद गर्ग

एक जून को विधायक देवेंद्र बबली व किसानों के बीच कहासुनी के बाद शुरू हुआ विवाद शनिवार शाम को विधायक के खेद प्रकट करने के बाद एक थम गया। लेकिन इस घटनाक्रम की वजह से 105 घंटे से भी ज्यादा समय तक टोहाना शहर समेत जिले व प्रदेश की विभिन्न जगहों पर तनाव का माहौल रहा। जोकि देर रात तक जारी रहा। किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम चढ़ूनी, योगेंद्र यादव, जोगेंद्र नैन समेत विभिन्न नेताओं ने हजारों किसानों के साथ गिरफ्तारी देने को लेकर प्रदर्शन किया।

देर शाम तक विधायक बबली के खुद खेद प्रकट करने के बाद से लग रहा था कि मामला अब निपट जाएगा। लेकिन सदर थाने में बैठे किसान इस घटनाक्रम में जेल भेजे गए आरोपियों को छोड़ने की मांग पर अड़े रहे। वहीं किसान नेताओं ने इस मांग के पूरा न होने तक धरना जारी रखने व गिरफ्तारियां देने का ऐलान कर दिया।

तीन जिलों के पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमान : टोहाना में किसानों की गिरफ्तारियां देने के कार्यक्रम को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इसके लिए एसपी के अलावा दो एएसपी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा के 13 डीएसपी के अलावा दो आरएएफ की टुकियां, 11 पुलिस की कंपनियां मौजूद रही। इस प्रदर्शन में जिले के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी किसान पहुंचे।

टोहाना। अनाज मंडी में आयोजित जनसभा में पहुंचे सैकड़ों किसान।
टोहाना। अनाज मंडी में आयोजित जनसभा में पहुंचे सैकड़ों किसान।

ये रहे मौजूद : किसान संघर्ष समिति हरियाणा की महिला प्रदेश अध्यक्ष सुमन हुड्डा, कांता अलडिया, सुरेश कोथ, डंपी पहलवान, मास्टर रघुवीर सिंह, रणजीत, जगतार सिंह, रमेश डांगरा, राजेंद्र सिंह मौजूद रहे।

किसान बोले : आज हम पुलिस को खुद गिरफ्तारी देने आए हैं

गिरफ्तारियों के कार्यक्रम को लेकर सुबह 11 बजे जनसभा शुरू हुई जोकि दोपहर 3 बजे के बाद तक चली। किसान नेताओं ने पुलिस एवं प्रशासन को खुली चुनौती दी कि अगर वह किसानों की गिरफ्तारी करना ही चाहते हैं तो वह खुद आज गिरफ्तारियां देंगे लेकिन वह यह गिरफ्तारियां कच्चे कागजों में नहीं बल्कि पक्के वारंट के आधार पर देंगे किसानों के इस ऐलान को लेकर पुलिस प्रशासन की सांसें रहीं।

दोपहर करीब 12 बजे पहले गुरनाम सिंह चढ़ूनी पहुंचे। इसके बाद पौने दो बजे राकेश टिकैत पहुंचे। टिकैत ने खुले मंच से पुलिस प्रशासन को चुनौती दी कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना ही चाहती है तो वह अकेले नहीं हैं बल्कि हजारों की संख्या में किसान अपनी गिरफ्तारियां देंगे। इसके बाद किसान अनाज मंडी से रवाना हुए जोकि करीब चार बजे सदर थाने पहुंच गए।

इस बीच गिरफ्तारियां देने को लेकर किसान नेता भाषण दे रहे थे कि तभी उनके पास प्रशासन की ओर से संदेश आया कि विधायक बातचीत कर माफी मांगना चाहते हैं। इस पर वहीं पर ऐलान किया गया व किसानों से सहमति मांगी। इसके बाद बातचीत का दौर शुरू हुआ। डेढ़ घंटे तक बलियावाला रेस्ट हाउस में गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में स्थानीय ईकाई के सदस्यों ने विधायक से बातचीत की। जिसमें विधायक ने खेद प्रकट किया। इसके बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीएसपी ऑफिस में वापस आया।

आंदोलन सीमा पर ही जारी रहेगा, सरकार इसे हटाकर प्रदेश के भीतर लाना चाहती है : टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन को केंद्र सरकार गुमराह करना चाहती है। इतना ही नहीं हरियाणा सरकार भी इस आंदोलन को गुमराह करते हुए इसे सीमा की ओर धकेलने का काम कर रही है। किसान मोर्चा के सभी 40 मेंबर एकजुट हैं। जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होंगे उनका विरोध जारी रहेगा। भले ही उन्हें 2024 तक इसका विरोध क्यों न करना पड़े।

टिकैत ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र सरकार से कृषि कानून को लेकर बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन यह बातचीत वहीं से शुरू होगी, जहां पर जनवरी में खत्म हुई थी। टिकैत ने कहा कि आने वाले समय में यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, सहित अन्य राज्यों में होने वाले चुनावों में वह सीधे तौर पर सरकार के खिलाफ प्रचार करेंगे। वहीं कहा कि जो आंदोलन 26 जनवरी को उग्र बनाया गया था वह भी एक साजिश के तहत ही था। यह 26 तारीख हर महीने आएगी और इस 26 तारीख को ही सरकार की कब्र दिवस मनाया जाएगा।

टोहाना। रात को सदर थाने में धरने पर बैठे किसान, इनमें काफी महिलाएं भी शामिल रही।
टोहाना। रात को सदर थाने में धरने पर बैठे किसान, इनमें काफी महिलाएं भी शामिल रही।

दो बैठक हाेने पर भी बात नहीं बनी

विधायक बबली के संदेश के बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल 5 बजे सदर थाने से रवाना हो गया। इसके बाद बलियावाला रेस्ट हाउस में साढ़े 7 बजे निकले। जिसमें बबली ने खेद जताया। वहीं एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह उनसे गलत करने वालों को माफ करते हैं व ऐसे शब्द बोलने पर जो शोभनीय नहीं थे, उसके लिए खेद प्रकट करता हूं।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल सदर थाने में आ गया। जहां पुलिस के साथ डीएसपी कैंप ऑफिस में एक घंटा बात हुई। जिसमें किसान नेता जेल भेजे गए आरोपियों को छोड़ने की बात पर अड़े रहे।

दो मांगे पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे किसान : याेगेंद्र यादव

मंच से किसान नेता संयुक्त किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव ने कहा कि आज टोहाना में उनकी दो ही मांगे हैं कि टोहाना के विधायक देवेंद्र बबली किसानों से माफी मांगे। दूसरा उनके गिरफ्तार किए गए किसान साथियों को तुरंत प्रभाव से रिहा किया जाए। नहीं तो वह अपने साथियों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए यहां पर पहुंचे हैं।

अब आंदोलन में लाठी डंडा लेकर नहीं चलेंगे किसान : चढूनी

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि हरियाणा सरकार सबसे ज्यादा किसानों पर अत्याचार कर रही है। किसानों पर लाठीचार्ज कर रही है। मामले दर्ज कर अमानवीय कार्य कर रही है। लेकिन इसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ेगा। पुलिस किसानों के घरों पर जिस तरह से छापेमारी कर रही है वह सरासर गलत है। इसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ेगा।

जानिए- एक जून को सुबह 10 बजे शुरू हुआ विवाद 5 जून काे शाम 7 बजे तक चला

  • 1 जून को सुबह 11 बजे विधायक देवेंद्र बबली ने टोहाना के नागरिक अस्पताल में दिव्यांगों को वैक्सीन लगाने के कैंप का शुभारंभ करने जाना था। लेकिन विधायक बाजार में गए, जहां सिटी थाना के पास कुछ किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान विधायक ने गाड़ी से उतरकर उनसे बहस शुरू कर दी। इस दौरान अपशब्द भी बोले, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। उस दिन किसानों ने जाम लगाया। विधायक की गाड़ी पर हमला भी हुआ।
  • 2 जून को विधायक देवेंद्र बबली पर कार्रवाई व माफी मांगने की मांग को लेकर धरना दिया। शाम तक मामला बढ़ गया। कुछ किसान देर शाम विधायक की कोठी का घेराव करने पहुंच गए। जहां से 27 किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। देर रात को उसके विरोध में फतेहाबाद व जाखल थाने का घेराव कर दिया गया। वहीं बबली की गाड़ी पर हमला करने पर कुछ लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया।
  • 3 जून को गिरफ्तार किसानों में 24 को छोड़ दिया गया, वहीं दो को अदालत में पेश किया गया। जबकि एक आरोपी फरार था। दो किसानों को न छोड़ने पर प्रदर्शन किया।
  • 4 जून को अलसुबह सुबह पुलिस ने विधायक की गाड़ी पर हमला करने के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कई जगह रेड मारी। इसमें एक आरोपी पकड़ा गया। इस बीच शाम को सूचना आई कि 5 जून को राकेश टिकैत समेत कई नेता टोहाना में गिरफ्तारियां देने पहुंचेंगे।
  • 5 जून को सुबह 10 बजे किसान एकत्र होने लगे। दोपहर तक गुरनाम सिंह चढ़ूनी के बाद राकेश टिकैत व योगेंद्र यादव आदि टोहाना पहुंचे। 9 घंटे के धरने प्रदर्शन, थाने के घेराव के बाद विधायक बबली ने खेद प्रकट किया।
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