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बाढ़ से निपटने की तैयारी:बाढ़ राहत के लिए फतेहाबाद, रतिया और टोहाना में बनाए 5 कंट्रोल रूम, अलर्ट पर पुलिस, फायर ब्रिगेड व हेल्थ विभाग

फतेहाबाद2 महीने पहले
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फतेहाबाद। गांव कमाना में बाढ़ राहत कार्य की रिहर्सल करते पटवारी। - Dainik Bhaskar
फतेहाबाद। गांव कमाना में बाढ़ राहत कार्य की रिहर्सल करते पटवारी।
  • साल 2010 में चांदपुरा हैड पर 21 हजार क्यूसिक तक पहुंच गया था पानी, बाढ़ ने जिले के 35 गांवों में मचाई थी तबाही

जिले में मानसून के दस्तक देने के साथ ही जिला प्रशासन ने बाढ़ राहत को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में बाढ़ का पानी किसी प्रकार का नुकसान ना पहुंचाए, इसके लिए प्रशासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाकर उन्हें अलर्ट कर दिया है, वहीं जिले में उपलब्ध संसाधनों को भी तैयारी पर रखा गया है। बाढ़ राहत के लिए लघु सचिवालय व रतिया तथा टोहाना में कुल 5 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।

बता दें कि जिले की फतेहाबाद, रतिया, कुलां, जाखल व टोहाना तहसील के कुल 114 गांव ऐसे हैं जहां बाढ़ आने का खतरा रहता है। उक्त सभी गांवों की पंचायतों को भी जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पिछले 3 सालों में बाढ़ राहत को सरकार व प्रशासन द्वारा काफी नए निर्माण भी किए गए हैं ताकि खतरे वाले इलाके के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो।

राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में साल 1962 में पहली बार बाढ़ आने के बाद अब तक 8 बार बाढ़ आ चुकी है। बाढ़ आने के दौरान जहां कई गांवों में पानी घुस जाता है वहीं किसानों की धान की फसल भी खराब हो जाती है। जिले में 2010 में अधिक बरसात होने के चलते बाढ़ आई थी जिसने जिले के जाखल, रतिया के कुल 35 गांवों को प्रभावित किया था तथा चांदपुरा में पानी 21 हजार क्यूसिक तक पहुंच गया था।

जानिए.. किस क्षेत्र के कितने गांवों में रहता है खतरा
रतिया तहसील के सबसे अधिक 44 गांव बाढ़ ग्रस्त हैं। इसके बाद फतेहाबाद के 28 तथा जाखल के 22 गांव ऐसे हैं जो बाढ ग्रस्त हैं। वहीं टोहाना तहसील के 8 गांव तथा कुलां के 12 गांव ऐसे हैं जहां बाढ़ आने की संभावना रहती है।

बाढ़ रोकने को पिछले 3 सालों में हुए ये काम

  • गांव साधनवास में पाइप लाइन ड्रेन का निर्माण।
  • सिधानी गांव के खेतों में बाढ़ के पानी को रोकने के लिए 10 बोरवेल।
  • रंगोई के साथ-साथ पक्की का दीवार का निर्माण पूरा।
  • पानी निकालने के लिए रंगोई नाले में विभिन्न स्थानों पर 10 ऑऊटलेट।
  • नथूवाल,ढेर, हिंडालवाला, कानाखेड़ा, म्योंद, रत्ताथेह, दिवाना, लधुवास, मारथला, सिधानी गांव में पाइपलाइन ड्रेन का निर्माण।
  • बरेटा ड्रेन पर पुलिस का निर्माण कार्य।

इनकी बढ़ाई गई क्षमता

  • रंगोई नाले की क्षमता 7 हजार से 8500 क्यूसिक की गई।
  • रंगोई खरीफ चैनल की क्षमता 500 क्यूसिक से 675 क्यूसिक की गई है।
  • रतिया के गांवों में 63 नए रिचार्ज बोरवेल लगाए गए हैं।

सभी सरकारी व निजी जेसीबी अलर्ट पर

जिले की सभी जेसीबी को अलर्ट पर रखा गया है। भूना में 12, फतेहाबाद में 8, भट्टू में 19, रतिया में 12, टोहाना में 8 व जाखल में 5 जेसीबी को बाढ़ राहत कार्य के लिए अलर्ट किया है। पानी निकालने वाले 28 डीजल पंप, 10 बिजली चालित पंप तथा 36 वीटी पंप भी रिजर्व रखे गए हैं।

पीसीआर और स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस अलर्ट पर
बाढ़ आने की स्थिति में कम्यूनिकेशन स्थापित करने के लिए पुलिस विभाग के 116 वायरलेस सेट, 12 पीसीआर गाड़ियां, 2 एंबुलेंस अलर्ट पर रखी गई हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की 20 एंबुलेंस, फायर फाइटिंग किट, 24 चालक, फतेहाबाद व टोहाना नागरिक अस्पताल, 4 सीएचसी, 18 पीएचसी 1 पॉलीक्लिनिक भी अलर्ट पर हैं।

फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां तैयार: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले के फतेहाबाद की 5, रतिया की 2, टोहाना की 4 तथा जाखल, धारसूल व भूना की 1-1 गाड़ी व जिले के 8 फायर बाइक को अलर्ट पर रखा गया है।

पानी की खपत को 83 नहरें भी चिन्हित
बाढ़ की स्थिति में पानी निकालने को जिले की 83 नहरें चिन्हित की गई हैं जिनमें विभिन्न माध्यमों से ओवरफ्लो पानी छोड़ा जा सकता है।

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