वेबिनार में किया मंथन:स्कूल नहीं लगने से पहले सीखी भाषा और गणित भूल चुके हैं बच्चे- वजीर

फतेहाबाद2 महीने पहले
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  • हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ व ज्ञान विज्ञान समिति ने वेबिनार में किया मंथन

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति फतेहाबाद द्वारा कोरोना काल का शिक्षा पर प्रभाव और नई शिक्षा नीति विषयों पर वेबिनार का आयोजन किया गया। जिला सचिव देसराज माचरा की अध्यक्षता में आयोजित इस वेबिनार का संचालन सर्वकर्मचारी संघ के जिला सहसचिव कृष्ण नैन ने किया। मुख्य वक्ता के तौर पर हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य महासचिव डॉ. प्रमोद गौरी ने भाग लिया।

डाॅ. गौरी ने कहा कि कोरोना काल का हमारी शिक्षा पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है । इससे 28 करोड 40 लाख विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में स्कूल न लगने के कारण बच्चों पर दो तरह के प्रभाव पड़े हैं। एक तो बच्चों द्वारा सीखी गई भाषा पर प्रभाव, दूसरा बच्चों द्वारा सीखे गए गणित पर प्रभाव। एक सर्वे जिसमें 1137 स्कूलों के 16 हजार 67 बच्चों के साथ बातचीत हुई। ये बच्चे 5 राज्यों के 44 जिलों से हैं। कक्षा 2 से 6 तक बच्चों पर अध्ययन किया गया है । इनमें से 92 प्रतिशत बच्चे ऐसे पाए गए जो पिछली कक्षा में सीखी गई भाषा भूल चुके हैं। 82 प्रतिशत बच्चे जिन्होंने कुछ संख्याएं सीखी थी मतलब पिछली कक्षाओं का गणित भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण घरेलू हिंसा बढ़ी है। 2020 के लॉकडाउन के बाद 11 दिनों में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अनुसार 92 हजार ऐसे मामले आए हैं। कुपोषण के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। स्कूलों में मिड डे मिल बंद होने से 11.8 करोड बच्चों के लिए 1200 करोड़ रुपए दिए गए हैं अर्थात 3.33 रुपए प्रति बच्चा खर्च की घोषणा हुई।

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