जागरूकता अभियान:सीजेएम ने आजादी के अमृत महोत्सव के संबंध में आंगनबाड़ी वर्कर्स की मीटिंग ली, दिए निर्देश

फतेहाबाद17 दिन पहले
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वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र में आंगनबाड़ी वर्कर की आजादी के अमृत महोत्सव के संबंध में बैठक लेती जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव डॉ. सविता कुमारी। - Dainik Bhaskar
वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र में आंगनबाड़ी वर्कर की आजादी के अमृत महोत्सव के संबंध में बैठक लेती जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव डॉ. सविता कुमारी।

जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सविता कुमारी ने वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र में आंगनबाड़ी वर्कर की आजादी के अमृत महोत्सव के संबंध में बैठक ली अाैर दिशा-निर्देश दिए। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आगामी 12 अक्टूबर को मेगा कैंप का आयोजन होगा।

जिसमें नागरिकों को विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन योजनाओं का लाभ भी दिलवाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी आंगनबाड़ी वर्करों को नागरिकों की समस्याओं का निपटारा करवाने में सहयोग करने के लिए कहा।

इस बैठक में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लघु सचिवालय फतेहाबाद के ब्रांच मेनेजर धनंजय रजक ने स्टेट बैंक द्वारा चलाए जा रहे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना व अन्य योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसी के साथ बैठक में मौजूद पोस्ट मास्टर नरेश कुमार ने भारतीय डाक विभाग द्वारा चलाए जा रहे पब्लिक प्रोविडेंट, छोटी बचत योजनाओं के बारे में विस्तरित जानकारी दी।

इधर... सीजेएम ने जिला कारागार का किया निरीक्षण

फतेहाबाद | जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया के मार्गदर्शन में केंद्रीय जेल-2, हिसार में लोक अदालत का आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सविता कुमारी ने की। विभिन्न अदालतों में लंबित 5 मामले रखे गए व उनमें से 4 केसों का मौके पर ही निपटारा किया गया।

इन 4 मामलों में 5 बंदियों को सजा मुक्त कर दिया गया। सीजेएम डॉ. सविता कुमारी ने बताया कि जेल लोक अदालत हर महीने लगाई जाती है। जिसमें केसों का निपटारा मौके पर ही जिला कारागार में ही किया जाता है। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सविता कुमारी ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।

सीजेएम ने विचाराधीन महिला कैदियों का व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से साक्षात्कार लिया तथा जेल प्रशासन से भी पूछताछ की। उन्होंने विचाराधीन महिला कैदियों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली, जिसके संबंध में कोई मौखिक शिकायत नहीं थी। कैदियों को उनके अधिकारों के बारे में अवगत कराया गया कि यदि उनके पास अपने केस को डिफेंड करने के लिए वकील नहीं है, तो वे जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से मुफ्त वकील ले सकते हैं। पैनल अधिवक्ता सोनू बिश्नोई भी मौजूद रही।

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