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ओपीडी बंद:डॉक्टर्स पर हो रहे हमले के विरोध में आईएमए ने मनाया नेशनल डिमांड डे

फतेहाबादएक महीने पहले
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  • इमरजेंसी सेवाएं जारी रही, सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग

निजी अस्पतालों में डाक्टरों के साथ हो रही हिंसक घटनाओं के विरोध में आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने शुक्रवार को नेशनल डिमांड डे मनाया। एसोसिएशन ने हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए केंद्रीय सुरक्षा कानून की मांग उठाई।

साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि आईएमए की मांग नहीं मानी गई तो आने वाले दिनों में भी हड़ताल की जाएगी। शुक्रवार सुबह सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रही, हालांकि डाक्टर व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। सामान्य ओपीडी बंद रखी गई। आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों का इलाज ही किया गया।

आईएमए के जिला प्रधान डाॅ. एचएस दहिया ने बताया कि करीब डेढ़ साल से पूरा देश कोरोना से जूझ रहा है। डॉक्टर फ्रंटलाइन वर्कर बनकर कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद डाक्टरों पर हमले हो रहे हैं। यह गलत है। स्टेट के अपने कानून है। ऐसी हिंसा करने वालों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हो पाती।

इसके लिए पीएनडीटी एक्ट की तरह केंद्रीय कानून होना चाहिए। जिसमें अस्पतालों की सुरक्षा व जल्द से जल्द हिंसा करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि कोरोना को सरकार ने राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया। इस दौरान किसी भी डॉक्टर के साथ मारपीट को राजद्रोह माना जाएगा। इसके बावजूद डाक्टरों के साथ मारपीट हो रही है। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। हालात यह है कि अब डॉक्टर मरीज को देखने से घबरा रहे है।

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