कमी का राेना:दुकान पर 70 बैग ही यूरिया बची, 400 लेने पहुंच गए आपस में ही भिड़ गए किसान, पुलिस ने की समझाइश

हनुमानगढ़13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अचानक बढ़ी खाद की डिमांड, जिले में 92 हजार एमटी की डिमांड, मिली 74 हजार मीट्रिक टन

जिले में यूरिया खाद का संकट दिनों-दिन गहराता जा रहा है। हाल ही में हुई अच्छी बरसात के कारण अचानक डिमांड बढ़ गई है। मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से किसानों में आपसी झगड़े बढ़ रहे हैं। मंडी में किसी भी फर्टिलाइजर्स की दुकान पर यूरिया खाद पहुंचने की सूचना मिलती है, तो सैकड़ों किसान पहुंच जाते हैं। शुक्रवार को जंक्शन धानमंडी में एक फर्टिलाइजर्स की दुकान पर महज 70 बैग यूरिया थी।

खाद लेने के लिए 400 से अधिक किसान पहुंच गए। किसानों की भीड़ बढ़ती देख दुकानदार ने शटर बंद कर दिया। इस दौरान कई किसान शटर उठाकर अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। ऐसा करना अन्य किसानों को नागवार गुजरा और आपस में मारपीट शुरू हो गई। थाप-मुक्कों से कई किसानों की पिटाई की गई। सूचना पाकर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मामला शांत करवाया। कई किसान पुलिस की मौजूदगी में ही एक-दूसरे के साथ मारपीट करने लगे। जानकारी के अनुसार जिले में रबी सीजन में 92 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की आवश्यकता है। इसकी तुलना में अब तक करीब 74 हजार एमटी खाद ही पहुंची है।

खाद विक्रेताओं की दुकानों पर लग रही किसानों की कतारें, खाली हाथ लौट रहे वापस

जिले में खाद की कमी के चलते फर्टिलाइजर की दुकानों पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। एक-दो दिन के अंतराल से रैक पहुंच रहे हैं, लेकिन मांग के अनुरूप खाद नहीं मिल रही। खाद की उम्मीद लेकर काश्तकार दुकानों पर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार इस बार गेहूं की बिजाई शुरू हुई, तब से ही पर्याप्त मात्रा में खाद किसानों को नहीं मिल रही है।

इस कारण कई बार विवाद हो चुका है। इस समय गेहूं की फसलों में खाद की ज्यादा आवश्यकता है। खाद नहीं मिलने के कारण मंडियों में किसानों में आपसी झगड़े भी बढ़ गए हैं। कई किसान कालाबाजारी के आरोप भी लगा रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग की ओर से रावतसर तहसील में एक जगह कालाबजारी की सूचना मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया।

खबरें और भी हैं...