मंडियों में जोरों पर धान की आवक:अब तक 5 लाख 88 हजार मीट्रिक टन धान की हुई खरीद, 5.31 लाख एमटी की हो चुकी लिफ्टिंग

फतेहाबादएक महीने पहले
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फतेहाबाद। गांव हसंगा के खरीद केंद्र में बिक्री लिए लाई गई धान की फसल। - Dainik Bhaskar
फतेहाबाद। गांव हसंगा के खरीद केंद्र में बिक्री लिए लाई गई धान की फसल।
  • जिले में अब तक किसानों को 1030 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया

जिला की विभिन्न अनाज मंडियों में अब तक 588697 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है, जिसमें से फूड सप्लाई ने 92851 मीट्रिक टन, हैफेड ने 228826 मीट्रिक टन, एचडब्ल्यूसी ने 267020 मीट्रिक टन मीट्रिक टन की खरीद की है। इसके अलावा अभी तक 531654 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान हो चुका है, जिसमें फूड सप्लाई ने 79780 मीट्रिक टन, हैफेड ने 211119 मीट्रिक टन, एचडब्ल्यूसी ने 240755 मीट्रिक टन धान फसल का उठान किया है।

इसके अलावा जिला में अब तक किसानों को 1030 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 155 करोड़ 26 लाख रुपये, हैफेड द्वारा 405 करोड़ 35 लाख रुपये व हरियाणा वेयरहाउस द्वारा 469 करोड़ 77 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। डीसी महावीर कौशिक ने जिला के किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि को ही अपनी धान की फसल को सुखाकर मंडी में लाएं, ताकि उन्हें फसल बेचने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत न आए।

उन्होंने यह भी कहा कि खरीदी गई फसल का उठान भी जल्द से जल्द किया जाए, ताकि मंडी में जाम इत्यादि की समस्या न रहे। उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि वे अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों में किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय इत्यादि के उचित प्रबंध करें।

इस बार नरमे का उत्पादन कम लेकिन किसानों को अच्छा मिल रहा भाव इस बार किसानों को नरमे का भाव अच्छा मिल रहा है,लेकिन जिले में नरमे का उत्पादन काफी कम है। किसानों को मंडी में नरमे की फसल प्रति क्विंटल 9 हजार रुपये तक भाव मिल रहा है। लेकिन किसानों के लिए निराशा की बात है कि इस बार जिले में नरमे का उत्पादन हर साल के मुकाबले काफी कम हुआ है, क्योंकि जिले में भारी बरसात के कारण हुए जलभराव व गुलाबी सुंडी के प्रकोप के चलते जिले में लगभग एक लाख एकड़ नरमे की फसल खराब हो गई थी।

लेकिन जिन किसानों के खेत में नरमे का उत्पादन कम हुआ है उनके लिए अच्छा भाव राहत की बात है क्योंकि भाव अधिक होने से कम उत्पादन की भरपाई हो रही है। वहीं किसानों को इस बार धान की 1121, 1509 व मुच्छल के भाव भी अच्छे मिल रहे हैं। मंडी में धान की 1121 किस्त प्रति क्विंटल 3600, मुच्छल पीवी-1 तीन हजार प्रति क्विंटल तथा 1509 किस्म प्रति क्विंटल 3100 से 3300 रुपये के भाव मिल रहे हैं।

वहीं जिले की अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों में परमल धान की खरीद का काम भी एजेंसियों द्वारा लगातार किया जा रहा है तथा इस बार अब तक पिछले साल के मुकाबले 80 फीसदी परमल धान मंडियों में आ चुका है। अब तक हुई खरीद का मंडियों से 88 फीसदी उठान किया जा चुका है।

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