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  • The DCs Of Hisar, Fatehabad And Sirsa Neither Confiscated The Capped Guns Nor Canceled The Licenses Even After Sending The Letter Twice By The Commissioner.

आदेश दरकिनार:कमिश्नर के दो बार पत्र भेजने के बाद भी हिसार, फतेहाबाद और सिरसा के डीसी ने न टोपीदार बंदूकें जब्त कीं, न रद्द किए लाइसेंस

फतेहाबाद4 दिन पहले
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फतेहाबाद। टोपीदार बंदूक से हमला कर किया गया हिरण का शिकार। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
फतेहाबाद। टोपीदार बंदूक से हमला कर किया गया हिरण का शिकार। (फाइल फोटो)
  • फसलों की रखवाली के लिए टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस लेकर दुर्लभ वन्य प्राणियों का शिकार कर रहे रखवाले

वन्य प्राणी बाहुल्य क्षेत्र फतेहाबाद, हिसार व सिरसा में टोपीदार बंदूकों को जपत करने व लाइसेंस रद्द करने के हिसार रेंज के कमिशनर के आदेशों के 10 महीने बाद भी उक्त तीनों जिलों के डीसी ने इस संबंध में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। हैरानी की बात है कि तीनों जिलों के उपायुक्तों द्वारा इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं करने पर आयुक्त दो महीने पहले रिमाइंडर भी भेज चुके हैं, लेकिन रिमाइंडर के भी 2 महीने बीत जाने के बाद अब तक किसी भी जिले में टोपीदार बंदूकधारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इन जिलों में नीलगाय व अन्य वन्य प्राणियों से फसलों को बचाने के लिए रखवाले टोपीदार बंदूक का लाइसेंस बनवाते हैं तथा किसानों की फसलों की रखवाली करते हैं। विभाग कई लोगों पर टोपीदार बंदूक से दुर्लभ वन्य प्राणियों को शिकार करने के आरोप में केस दर्ज भी कर चुका है, लेकिन इसके बाद भी उपायुक्तों ने ये बंदूकें अब तक जपत नहीं करवाई हैं तथा ना ही लाइसेंस रद्द किए हैं। जिले में 17 लोगों के पास ऐसी बंदूकों के लाइसेंस हैं।

जीव रक्षा बिश्नोई सभा की मांग पर आयुक्त ने जारी किए थे आदेश

अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा ने आयुक्त से टोपीदार बंदूकों पर रोक लगवाने तथा इनके नए लाइसेंस जारी नहीं करने तथा पुराने लाइसेंस रद्द कर बंदूकें जपत करने की मांग की थी। आयुक्त ने तीनों जिलों के उपायुक्तों को 6 नवंबर 2020 को आदेश जारी किए थे जिनमें टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस रद्द करने व बंदूकें जपत करने बारे कहा गया था।

विभाग की लिस्ट में 21 संदिग्ध लोग, लाइसेंस चेक करवाने की मांग

वन एवं वन्य प्राणी विभाग के मंडलीय अधिकारी द्वारा मार्च 2020 में आयुक्त को पत्र भेजा था जिसमें विभाग ने तीनों जिलों में टोपीदार बंदूकधारी कुल 21 संदिग्ध लोगों की सूची भी भेजी थी, जो उस समय तक शिकार में संलिप्त पाए गए थे। विभाग ने आयुक्त से सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश देकर टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस चेक करवाने की मांग की थी।

टोपीदार बंदूक से शिकार के ये दर्ज हो चुके केस

  • सतबीर व संतराम निवासी भूथन खुर्दकाला हिरण का शिकार
  • ओम प्रकाश, निवास बोस्तीकाला हिरण का शिकार
  • बीरबल सिंह,निवासी दादुपुरनीलगाय का शिकार
  • गुरमीत सिंह, निवासी एमपी रोहीकाला हिरण का शिकार
  • दास, निवासी ढाणी रायपुरजंगली बिल्ली का शिकार

इन गांवों में हैं अधिक दुर्लभ वन्य प्राणी

फतेहाबाद जिले के गांव काजलहेड़ी, ढाणी माजरा, धांगड़ व बड़ोपल गांवों में कालेे हिरण, लोमड़ी, गिदड़, नीलगाय जैसे दुर्लभ वन्य प्राणी तथा मोर, काला तीतर जैसे दुर्लभ पक्षी हैं। गौरतलब है कि काजलहेड़ी, धांगड़ व ढाणी माजरा को तो सरकार ने वन्य प्राणी संरक्षित क्षेत्र घोषित किया हुआ है।

आयुक्त ने की थी ये टिप्पणी

हिसार, सिरसा व फतेहाबाद में टोपीदार बंदूकधारी इनसे दुर्लभ प्रजाति के वन्य प्राणियों जैसे काला हिरण, चिंकारा, गिदड़ तथा मोर व काला तीतर जैसे पक्षियों को शिकार करते हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हो, आयुक्त ने कहा था कि इस बारे गहनता से निरीक्षण करें।

दोबारा भेजेंगे रिमाइंडर : मंडलीय वन्य प्राणी अधिकारी

डेढ़ साल पहले आयुक्त को पत्र भेजकर संदिग्ध लोगों की सूची भी उपलब्ध करवाई थी ताकि संदिग्धों की जांच हो सके, जीव रक्षा बिश्नोई सभा द्वारा भी कई बार टोपीदार बंदूकों को जब्त करने तथा लाइसेंस रद्द करने की मांग आई है, इस बारे आयुक्त महोदय को फिर से रिमाइंडर भेजेंगे''

वेद प्रकाश, मंडलीय वन्य प्राणी अधिकारी।

अफसर नहीं कर रहे मामले में कार्रवाई : कड़वासरा

आयुक्त ने हमारी मांग पर कार्रवाई की थी तथा सभी जिलों के डीसी को आदेश भी दिए थे, लेकिन तीनों ही जिलों में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, फतेहाबाद सीटीएम ऑफिस में पता किया था लेकिन अफसरों ने कार्रवाई की बजाय पत्र निचले अफसरों को भेज रखा है''
विनोद कड़वासरा, प्रदेशाध्यक्ष, जीव रक्षा बिश्नोई सभा।

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