फतेहाबाद में फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला:आधार कार्ड पर बदल देते थे फोटो और आवेदनों में 2 नंबरों का किया इस्तेमाल

फतेहाबादएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
टोहाना में फर्जी पासपोर्ट मिलने के मामले की धीरे-धीरे परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। - Dainik Bhaskar
टोहाना में फर्जी पासपोर्ट मिलने के मामले की धीरे-धीरे परतें खुलनी शुरू हो गई हैं।

टोहाना में फर्जी पासपोर्ट मिलने के मामले की धीरे-धीरे परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। गिरोह सदस्य बड़ी चतुराई से आम लोगों के आधार कार्ड पर फोटो बदल पासपोर्ट के लिए जरूरी आईडी प्रूफ तैयार करते थे। यह भी सामने आया कि तकरीबन सभी पासपोर्ट के आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर दिया गया, जोकि मोनू नाम के युवक का था। पुलिस की जांच में जब पासपोर्ट की डिटेल देखी गई तो दो ही मोबाइल नंबर दर्ज थे। इसी खामी को पुलिस ने जांच का आधार बनाया।

गिरोह का सदस्य मोनू पुलिस के सामने कबूल चुका है कि वह सहयोगियों की मदद से पासपोर्ट सेवा केंद्र व रीजनल पासपोर्ट कार्यालय के कर्मचारियों के जरिए पासपोर्ट बनवाता था। इसके लिए लोगों के आधार कार्ड लेकर उसमें फोटो बदल कर स्कैन कर उसकी रंगीन कॉपी निकालते थे। जिसके बाद उससे पासपोर्ट के लिए अप्लाई करते थे। इस तरह से आधार में एड्रेस व नाम वही रहता और सिर्फ फोटो बदल जाती थी। टोहाना का अनिल भाटिया टोहाना के लोगों के आधार कार्ड मुहैया कराता था।

2018-2020 के बीच हुआ पूरा खेल: पुलिस आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेगी
फर्जी पासपोर्ट बनाने का सारा खेल 2018 से 2020 के बीच खेला गया। इस दौरान 70 पासपोर्ट फर्जी तरीके से बनाए गए थे और पुलिस ने 20 लोगों को पकड़ा था। मामले में दिल्ली का मोनू मास्टरमाइंड था। टोहाना का अनिल भाटिया भी मोनू के संपर्क में था। इसके अलावा, कोलकाता का देव आशीष, अमृतसर के प्रभजोत व गुरुप्रीत, पासपोर्ट विभाग के सुखदेव, अनिल छपरा, अमरीक सहित अन्य शामिल रहे। अब पुलिस उक्त आरोपियों को फिर से जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी।

खबरें और भी हैं...