महंत चंदनपुरी पर हमले का मामला:महंत को मारने के मांगे थे 10 लाख, 2 लाख में हुआ था सौदा,कोर्ट ने 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे आरोपी

हांसी7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जगन्नाथ पुरी समाध के गद्दीनशीन महंत पंचमपुरी ने महंत चंदनपुरी काे मारने के लिए 2 लाख रुपए दिए थे। - Dainik Bhaskar
जगन्नाथ पुरी समाध के गद्दीनशीन महंत पंचमपुरी ने महंत चंदनपुरी काे मारने के लिए 2 लाख रुपए दिए थे।

ऐतिहासिक जगन्नाथ पुरी समाध के गद्दीनशीन महंत पंचमपुरी ने महंत चंदनपुरी काे मारने के लिए 2 लाख रुपए दिए थे। यह राशि चंदनपुरी पर गोली चलाने वाले सोनू उर्फ कमांडो को दी गई। कमांडो ने चंदनपुरी को मारने के लिए पंचमपुरी से 10 लाख रुपए की मांग की थी। पचंमपुरी ने इतनी राशि देने में असमर्थता व्यक्त की। आखिरकार कमांडो 2 लाख रुपए में काम करने को तैयार हो गया।

1 लाख रुपए उसने संदीप को दिए और वारदात में शामिल होने के लिए तैयार कर लिया। यह खुलासा मामले में गिरफ्तार महंत पंचमपुरी, सोनू उर्फ कमांडो और संदीप ने सीआईए टू की पूछताछ में किया। सीआईए टू ने तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से गहन पूछताछ के लिए तीनों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

रिमांड के दौरान रविवार दोपहर को पुलिस संदीप को साथ लेकर चरखी दादरी गई, जहां वारदात को अंजाम देने के बाद उसने पिस्तौल छिपा दी थी। संदीप वॉल पुट्टी का काम करता है और चरखी दादरी में किराए पर दुकान ले रखी है। संदीप पेशेवर अपराधी नहीं है, जबकि कमांडो पर आर्म्स एक्ट व हत्या के प्रयास के केस दर्ज हैं। हत्या के प्रयास में वह जमानत पर जेल से बाहर था।

सीआईए टू की पूछताछ में सामने आया है कि महंत पंचमपुरी स्कूल बनाना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए प्रपोजल तैयार किया। महंत चंदनपुरी के कारण योजना सिरे नहीं चढ़ी। उनका कहना है कि महंत चंदनपुरी उनके हर काम में रुकावट पैदा करते थे, जिसके चलते वह बेहद परेशान थे। सोनू उर्फ कमांडो का उनके पास आना-जाना था। उन्होंने उसे बताया और यहीं से महंत चंदनपुरी को रास्ते से हटाने की योजना बनी। अंजाम देने का जिम्मा कमांडो ने उठाया था।

खबरें और भी हैं...