रामायण टोल शुरू होने में लगेंगे दो दिन:355 दिन बाद किसानों ने फीता काट लांधड़ी टोल किया शुरू पहले दिन लगा जाम,

हांसीएक महीने पहले
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लांधड़ी टोल पर किसानों ने रिबन काटकर टोल को शुरू किया। - Dainik Bhaskar
लांधड़ी टोल पर किसानों ने रिबन काटकर टोल को शुरू किया।

15 दिसंबर तक दिल्ली से आने वाले किसानों का नहीं लगेगा टोल, किसानों ने टोल मैनेजर को सौंपा किसान आंदोलन के चलते 355 पहले जिस लांधड़ी-चिकनवास टोल को किसानों ने फ्री किया था, उसे मंगलवार को किसानों ने ही फीता काटकर चालू किया। टोल के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने किसानों से रिबन कटवा और नारियल फोड़कर सहमति पर टोल शुरू किया। दोपहर 3:49 बजे टोल शुल्क लगना शुरू हुआ। इसके बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। कुछ वाहन चालकों ने शुल्क देने से मना किया तो किसानों ने कहा कि आपने बड़ी चांदी कूट ली है। अब तो टोल देना ही पड़ेगा। टोल के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने वाहन चालकों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। लांधड़ी-चिकनवास टोल के मैनेजर सितेंद्र चौधरी ने बताया कि रविवार को 15 दिसंबर से शुरू करने का मैसेज मिला था। मगर मंगलवार को 3 बजे टोल पर विजय पूनिया, महावीर पूनिया, सुरेंद्र गोदारा, प्रदीप मलिक, गोपाल नंगथला, धर्मपाल लोहचब, अजय जोहर सहित सैकड़ों किसान एकत्रित होकर आए और टोल को चालू करने के लिए कहा गया। मैनेजर सितेंद्र चौधरी ने बताया कि मंथली पास रिचार्ज न होने व फास्टैक में बैलेंस खत्म होने के कारण लंबी लाइनें लग गईं। टोल के कर्मचारियों ने वाहन चालकों के तेवरों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन कर्मचारियों ने मनाया। टोल मैनेजर ने बताया कि किसान संघर्ष समिति ने ज्ञापन सौंपा है। उसमें किसानों को 15 दिसंबर शाम तक टोल न लेने का आह्वान किया है। जिस पर टोल के पदाधिकारियों ने सहमति दी है।

वहीं रामायण टोल प्लाजा काे चालू करने के लिए दो दिन का समय लगेगा। किसान बुधवार शाम काे रामायण टाेल प्लाजा से उठेंगे। टाेल प्लाजा कंपनी ने अपने कर्मचारियों काे बुधवार से काम कर पर बुलाया है। कंट्रोल रूम को एक्टिव कर सभी सीसीटीवी कैमरों को जांचा गया है।

रामायण में राकेश टिकैत बोले- इस आंदोलन की कोई न कोई चीज याद के तौर पर घर में रखना

हांसी. किसान आंदोलन की समाप्ति पर मंगलवार काे रामायण टोल प्लाजा पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढ़ूनी सरीखे बड़े किसान नेताओं ने समारोह में शिरकत की। राकेश टिकैत शाम साढ़े 5 बजे समारोह में आए। चढ़ूनी उस समय तक जा चुके थे। टिकैत ने कहा कि आंदोलन ऐतिहासिक था अाैर शांतिपूर्ण ढंग से चला। मांगें मान ली गई हैं। अब मुकदमों की बात है, कमेटी सरकार से मिलेगी और बातचीत करेगी। आंदोलन में खापों ने काम किया। राकेश टिकैत ने कहा कि इस आंदोलन की कोई न कोई चीज याद के तौर पर घर में रखना। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि अभी आंदोलन की पहली जीत है।

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