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फायरिंग करने का मामला:बाबा चंदनपुरी पर जानलेवा हमले को डेरे की जमीन के विवाद से जोड़कर देख रही पुलिस

हांसी4 दिन पहले
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रेफर करने के बाद चंदनपुरी को एंबुलेंस में शिफ्ट करते स्वास्थ्य कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
रेफर करने के बाद चंदनपुरी को एंबुलेंस में शिफ्ट करते स्वास्थ्य कर्मचारी।
  • जगन्नाथ पुरी समाध के गद्दीनशीन रहे बाबा चंदनपुरी पर फायरिंग करने का मामला

ऐतिहासिक जगन्नाथ पुरी समाध के गद्दीनशीन रहे चंदनपुरी पर गोलियां चलाकर उनकी जान लेने का प्रयास किसने किया, यह पुलिस की छानबीन का विषय है। मगर शुरुआती छानबीन में पुलिस घटनाक्रम को समाध के मौजूदा गद्दीनशीन बाबा पंचमपुरी व बाबा चंदनपुरी के बीच में चल रहे जमीनी व अन्य तरह के विवाद से जोड़कर देख रही है।

गोली लगने से घायल चंदनपुरी महाराज ने सिविल अस्पताल में मीडिया से बातचीत में बाबा पंचमपुरी पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया। पुलिस ने उनके बयान पर बाबा पंचमपुरी को पूछताछ के लिए बुलाया। सिटी पुलिस और सीआईए की टीमों ने संयुक्त रूप से उनसे पूछताछ की। पुलिस फिलहाल कई एंगल से छानबीन कर रही है।

जगन्नाथ पुरी समाध के गद्दीनशीन बाबा पंचमपुरी हैं। पहले यहां बाबा बुद्धपुरी गद्दीनशीन थे। बताया जाता है कि पंचमपुरी को छोटी उम्र में ही समाध पर छोड़ दिया था। बुद्धपुरी द्वारा पंचमपुरी को गद्दी पर बिठाने की घोषणा की गई थी। बुद्धपुरी के चोला छोड़ने के बाद बाबा चंदनपुरी गद्दी पर बैठे।

क्योंकि उस समय पंचमपुरी की उम्र बेहद कम थी। वर्तमान में बाबा पंचमपुरी गद्दी पर हैं। डेरे के नाम पर काफी जमीन है। अभी सैनीपुरा के पास स्थित जमीन को लेकर बाबा चंदनपुरी व बाबा पंचमपुरी के बीच में विवाद चल रहा है। मामला अदालत में सुनवाई के लिए विचाराधीन है।

जानिए...जगन्नाथ पुरी समाध का पूरा इतिहास

बाबा जगन्नाथपुरी समाध की स्थापना 435 वर्ष पहले मुगल काल में हुई थी। यह जगन्नाथपुरी समाध शहर के पश्चिम में दो किमी की दूरी पर है। यहां हर मंगलवार को काफी श्रद्धालु जाते हैं। इतिहासकार बताते हैं मुस्लिम शासक शाहजहां 1586 ईस्वी में इस क्षेत्र में आए। नहर पार जंगल में एक स्थान पर रोशनी देखी तो पास जाकर देखा एक साधु अपने शिष्यों को कुछ समझाने में तल्लीन थे।

शाहजहां ने अंदर मिलने की सूचना भिजवाई। वहां बाबा जगन्नाथ थे। बाबा ने बुलाने पर कहा एक शासक को फकीर से क्या काम हो सकता है। शाहजहां इससे खुश हुए व बाबा से भेंट करने कुटिया में गए। शाहजहां ने प्रभावित होकर उन्हें डेरा बनाने के लिए 62 एकड़ जमीन देने की घोषणा की।

यह जमीन आज भी समाधि के पास है। बाबा जगन्नाथपुरी 16 वर्ष की आयु में यहां आए थे। तब मौलवी ने बाबा की परीक्षा ली और वह हर परीक्षा में सफल हुए। उनकी समाधि यहां बने तालाब के किनारे हैं। उनके बाद कई उत्ताराधिकारी बने। वर्तमान में बाबा पंचमपुरी गद्दीनशीन हैं।

डेढ़ वर्ष पहले भी हुआ था विवाद, कोर्ट में विचाराधीन

अगस्त 2019 में भी जमीन को लेकर विवाद हुआ था। विराट नगर से सैनीपुरा रोड की तरफ समाधा की जमीन है। इस जमीन पर लंबे समय से विवाद चल रहा। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। करीब 31 किले जमीन है। तब बाबा चंदनपुरी अपने साथ कई बाबाओं को लेकर पहुंचे। वहां पर ट्रैक्टर के माध्यम से जमीन पर बिजाई करनी शुरू कर दी। वहां रहने वाले लोगों ने इसका विरोध किया तो मारपीट हो गई। मामले में चार लोग घायल हुए थे।

दूसरे बाबा पर लगाए आरोप : एसएचओ

^मामले में जांच कर रहे हैं। बयान दर्ज करने के लिए आईओ को भेजा गया है। अभी तक की जानकारी में चंदनपुरी द्वारा दूसरे बाबा पर आरोप लगाया गया है।'' -दलबीर सिंह, एसएचओ, सिटी थाना।

चौकी जाकर बयान दिए हैं : पंचमपुरी

मैं मंगलवार को डेरे में ही था। मंगलवार के दिन धूना लगाया जाता है। वहीं, पर बैठा हुआ था। बकायदा सीसीटीवी कैमरे वहां पर लगे हुए हैं, उनमें सब जानकारी है। चौकी में जाकर अपने बयान दिए हैं।'' -बाबा पंचमपुरी, गद्दीनशीन, जगन्नाथ पुरी समाध।

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