हस्तक्षेप:प्रशासक ने किया हस्तक्षेप, बकाया बिलों को लेकर आज निगम और परिषद के अधिकारियों को बुलाया

हांसीएक महीने पहले
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बिलों का भुगतान न करने पर बिजली निगम द्वारा नगर परिषद कार्यालय के कनेक्शन काटने के मामले में एसडीएम ने हस्तक्षेप किया है। परिषद का कार्यकाल पूरा होने पर एसडीएम एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में परिषद का कामकाज देख रहे हैं। उन्होंने बुधवार को बिजली निगम और नगर परिषद के अधिकारियों को बुलाया है। एसडीएम के रुख को देखते हुए निगम ने फिलहाल स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन नहीं काटे हैं। निगम द्वारा 3 महीने के म्युनिसिपल टैक्स को परिषद के बकाया बिजली बिल में एडजस्ट किया है। इससे 1.10 करोड़ रुपये की राशि घटकर 81 लाख रुपये रह गई है।

29 लाख रुपये की टैक्स राशि घटाई गई है। निगम द्वारा अभी परिषद के कार्यालय का बिजली कनेक्शन जोड़ा नहीं गया। बुधवार को मीटिंग के बाद ही निगम आगामी कार्रवाई करेगा। एसडीएम इस समय नगर परिषद के एडमिनिस्ट्रेटर भी हैं। जिसके नाते उन्होंने मामले पर संज्ञान लिया। बिजली निगम से बिल की सारी डिटेल ली गई। इसके बाद दोनों विभागों के अधिकारियों को बुधवार को सुबह कार्यालय में आने के लिए कहा गया है।

यहां पर दोनों विभागों की मीटिंग होगी। बता दें कि बिजली निगम ने 1.10 करोड़ के बकाया बिलों का भुगतान न करने पर सोमवार को निगम ने परिषद कार्यालय के बिजली कनेक्शन काट दिए। निगम के कर्मचारियों द्वारा परिषद कार्यालय के बाहर लगे मीटर के कनेक्शन काटे गए। यहां पर परिषद के दो मीटर लगे हैं। दोनों के कनेक्शन काट दिए गए। बिजली के कनेक्शन कटने से परिषद कार्यालय में अंधेरा हो गया था।

निगम ने स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटने का मन भी बना लिया था। परिषद के 37 बिजली मीटर हैं। इनमें से 35 स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन के हैं। सभी पर करीब तीन वर्ष से 1.10 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। परिषद ने फरवरी 2019 में बिल का भुगतान किया था। उसके बाद बिल का भुगतान नहीं किया। जिसके चलते बिल 1 करोड़ से अधिक हो गया।

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