पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वैक्सीन खत्म:20 हजार लोगों को डोज लगने के बाद हांसी में वैक्सीन खत्म, अधिकारी कह रहे डिमांड भेजी है, रिमाइंडर भी

हांसी20 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

बीस हजार लोगों को डोज लगने के बाद कोरोना रोधी वैक्सीन खत्म हो गई। बुधवार को सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या किसी भी शिविर में वैक्सीनेशन नहीं हुई। बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित स्थानों पर आए, लेकिन सबको बैरंग ही लौटना पड़ा। अधिकारी यह बताने में नाकाम रहे कि वैक्सीन कब आएगी।

सिविल अस्पताल में कोरोना रोधी वैक्सीन लगाने की शुरुआत 16 जनवरी से हुई थी। अस्पताल के अलावा चार कुतुब इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी वैक्सीन के लिए निर्धारित किया गया। शहर के अलग-अलग इलाकों में वैक्सीनेशन के लिए शिविर भी लगाए जाने शुरू किए गए। मंगलवार तक सब ठीक चलता रहा, लेकिन अचानक वैक्सीन कम पड़ने लगी और खत्म हो गई।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसके लिए बार-बार डिमांड की गई, लेकिन वैक्सीन की सप्लाई नहीं हुई। सिविल अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा शिविरों में रोज साढ़े तीन से चार सौ लोगों को वैक्सीन लगाई जाती रही। शुरुआत से लेकर अब तक पहले कभी वैक्सीन की कमी नहीं हुई। विभागीय प्रशासन की डिमांड पर वैक्सीन सप्लाई होती रही। मगर अब अचानक वैक्सीन की कमी पड़ने लगी। प्रशासन की ओर से डिमांड भेजी गई। रिमाइंडर भी दिए गए, लेकिन वैक्सीन नहीं मिली।

नतीजतन, तीनों जगह बुधवार से वैक्सीनेशन पूरी तरह से बंद कर दी गई। वैक्सीन कब मिलेगी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे लेकर कुछ बताने की स्थिति में नहीं। उनकी तरफ से बार-बार एक ही बात कही जा रही है कि डिमांड भेज दी गई है। वैक्सीन लगवाने आए लोग भी पूरे दिन यही सवाल करते रहे, लेकिन उन्हें भी कोई जवाब नहीं मिला। वैक्सीन न होने से अभियान में सहयोग कर रहे सामाजिक, स्वैच्छिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों ने लोगों को जागरूक करने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।

किसी की तरफ से कोई कार्यक्रम नहीं किया गया। सोरखी इलाके में भी वैक्सीन न होने से अभियान बंद हो गया। उप स्वास्थ्य केंद्र में हर चार-पांच दिन में 50-50 डोज मिलती थी। अब वहां भी वैक्सीनेशन का काम बंद कर दिया गया। स्वास्थ्य केंद्र पुट्ठी मंगलखां से जुड़े केंद्रों में सोरखी से भेजी गई कुछ वैक्सीन से लोगों का टीकाकरण किया गया। मगर अब यह काम पूरी तरह से बंद हो गया।

खबरें और भी हैं...