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परेशानी:दो दिन में खेतों से 6 इंच तक कम हुआ पानी, अधिकारियों ने कहा- निकासी जींद पर निर्भर, एक्सट्रा पंपसेट लगाए जाएंगे

हांसी2 महीने पहले
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जलभराव वाले इलाकों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देतीं डीसी डॉ. प्रियंका सोनी। - Dainik Bhaskar
जलभराव वाले इलाकों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देतीं डीसी डॉ. प्रियंका सोनी।
  • 11 गांवों के खेतों में छह दिन पहले हुई बारिश का पानी अब भी भरा है, डीसी ने कई गांवों का दौरा कर हालातों का लिया जायजा
  • ​​ग्रामीण बोले- डीसी मैडम ऐसा ही हाल रहा ताे बच्चे पानी में डूब जाएंगे

छह दिन पहले हुई बारिश का पानी अभी तक नहीं निकला है। सरकारी अमला पिछले दो दिनों में तमाम प्रयासों के बावजूद महज 4 से 6 इंच पानी का लेवल कम कर सका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना कि पानी की निकासी जींद पर निर्भर है। जींद की तरफ से पानी नहीं आएगा तो निकासी हो सकेगी। 11 गांवों में 6 दिन से हुए जलभराव की स्थिति का जायजा लेने के लिए डीसी प्रियंका सोनी खुद आईं।

उन्होंने खेतों से जल निकासी के लिए एक अतिरिक्त बीटी पंप लगाने व ड्रेन को समतल करवाने के निर्देश दिए। पेटवाड डिस्ट्रिब्यूटरी में भी पानी डाला जाएगा। विभाग द्वारा पानी की निकासी के लिए उगालन ड्रेन में दो इपी पंप सेट लगाए। उगालन से गढ़ी तक 11 गांवों के 7880 एकड़ खेतों में अभी भी जलभराव है। उगालन ड्रेन में दो अतिरिक्त पंप सेट लगाए जाएंगे। ताकि पानी की निकासी जल्दी हो सके।

सुंदर सब ब्रांच आरडी 157 पर एक अतिरिक्त पंप लगाने व ड्रेन को समतल करवाने के निर्देश

डीसी हांसी, नारनौद व बरवाला उपमंडल के विभिन्न गांवों का दौरा कर बरसाती पानी निकासी के प्रबंधों का जायजा लेने के लिए आई। डीसी डॉ. सोनी ने कहा कि खेतों तथा रिहायशी क्षेत्र से बरसाती पानी की निकासी करवाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है, इसलिए संबंधित विभागों के अधिकारी इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए तमाम प्रबंध करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने अधिकारियों व किसानों से भी प्रतिक्रियाएं ली। सुंदर सब ब्रांच आरडी 157 पर खेतों से जल निकासी के लिए एक अतिरिक्त बीटी पंप लगाने तथा ड्रेन को समतल करवाने के निर्देश दिए ताकि बास, मोहला समेत साथ लगते अन्य कई गांव के खेतों से जल्द पानी निकासी हो सके।

उन्होंने उगालन व आस-पास के गांव के खेतों तथा रिहायशी क्षेत्रों से पानी निकासी के लिए बास ड्रेन से बीटी पंप के माध्यम से पानी उगालन ड्रेन में डालकर पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी से पानी निकासी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य के लिए मौके पर मशीन मंगवाकर काम शुरू भी करवाया। उनके साथ नारनौंद के एसडीएम विकास यादव, एसई जशमेर सिंह, सिंचाई विभाग के एक्सईएन संदीप माथुर, एसडीओ धीरज दूहन, एसडीओ नवीन रंगा, हांसी के नायब तहसीलदार जयवीर सिंह थे।

बास मल्टीपरपज ड्रेन पर सभी गांवों के पानी की निकासी निर्भर

बास मल्टीपर्पज ड्रेन यह उगालन से सुल्तानपुर तक जाती है। वहां जाकर हिसार झज्जर मल्टीपरपज ड्रेन में मिलती है। बास मल्टीपरपज ड्रेन पर ही सभी गांवों के पानी की निकासी निर्भर है। कारण यह है कि जिन गांवों में जलभराव की स्थिति है, वहां यह ड्रेन पास से होकर गुजरती है। अभी इसमें जींद की तरफ से बरसाती पानी की निकासी हो रही है। जिससे ड्रेन ओवरफ्लो हो रही है। इसके चलते गांवों में पानी का लेवल कम नहीं हो रहा। विभाग को इंतजार है कि जींद की तरफ से पानी कम हो।

आरोप ये भी, कुछ व्यक्तियों ने अपने खेतों में भरा पानी गांव की तरफ खोल दिया

नारनौंद| डीसी जलभराव क्षेत्रों का दौरा करते हुए गुराना पहुंचीं तो जिला पार्षद धर्मवीर गुराना, सरपंच वीरेंद्र सिंह, राकेश, राजपाल, कर्मवीर, बबली, गीता, ईश्वर ने बताया काफी दिनों से बारिश से गांव के अधिकतर घरों में पानी भर गया और खेतों में भी।

प्रशासन से काफी बार पानी निकालने की गुहार लगा चुके हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्ति जिनके खेतों में पानी भरा हुआ था, उन्होंने अपने खेतों का पानी गांव की तरफ खोल दिया और उन्होंने पानी की सप्लाई के लिए बनाए गए नाले पर भी मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। लोगों ने कहा कि ऐसा ही हाल रहा तो हमारे बच्चे पानी में डूब जाएंगे।

समस्या का समाधान कराने के लिए डिप्टी सीएम तक पहुंचे क्षेत्र के लोग

उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास आपदा एवं प्रबंधन विभाग भी है। उगालन, पेटवाड़, गुराना, सीसर खरबला के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की और बताया कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों के किसानों के खेतों में भारी बारिश होने के कारण फसलों में पानी ठहरा हुआ है जिससे फसलें खराब होने की स्थिति में हैं।

उगालन की पंचायत ने बताया कि गांव में ड्रेन के ओवरफ्लो होने के कारण भी काफी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, अगर पानी की निकासी नहीं हुई तो फसलों को भारी नुकसान होगा। चौटाला ने किसानों की समस्याओं को सुना और जिला की उपायुक्त को निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले गावों का दौरा कर शीघ्र रिपोर्ट मुख्यालय भिजवाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मोटरें लगाकर किसानों की फसलों में खड़े बरसाती पानी की निकासी शीघ्र की जाए। उन्होंने कहा कि अगर जिले में मोटर नहीं है तो अन्य क्षेत्रों से मोटरें लाकर किसानों के खेतों से बरसाती पानी की निकासी शीघ्र की जाए।

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