जज्बे को सलाम / सैकड़ों किलोमीटर दूर कोरोना को हराने में जुटे चिकित्सक दंपती

Doctor couple engaged in defeating Corona hundreds of kilometers away
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Doctor couple engaged in defeating Corona hundreds of kilometers away
Doctor couple engaged in defeating Corona hundreds of kilometers away

  • डॉ. जैकी को लखनऊ में कोरोना पॉजिटिव केस वार्ड का अधीक्षक नियुक्त किया गया है
  • उन्होंने सिरसा के लोगों से घरों में रहने का आग्रह किया, शहरवासियों को उन पर गर्व

दैनिक भास्कर

Apr 09, 2020, 08:07 PM IST

कालांवाली. एक कर्ज जो देश का अदा करना है। डॉक्टर बनकर अपना फर्ज अदा करना है। देश सावा का संकल्प लेकर शहर के डॉ. जैकी गर्ग और उसकी पत्नी डॉ. श्वेता लखनऊ के अलग-अलग अस्पताल में कोरोना महामारी की चुनौती को स्वीकार करते हुए जंग लड़ रहे हैं। ये दंपती अपने घर, परिवार और शहर से करीब 850 किलोमीटर दूर रहकर कोरोना की चपेट में आने वाले मरीजों को हाई रिस्क जोन में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। ऐसी स्थिति में शहरवासियों को डॉ. जैकी गर्ग व उनकी पत्नी डॉ. श्वेता और उनके परिवारजनों पर गर्व महसूस करते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है और उनके मानवता के लिए सेवा के जज्बे को सलाम किया है। 

कोरोना वार्ड के अधीक्षक हैं डॉ. जैकी
अनाज मंडी में आढ़त का काम करने वाले चरण दास गर्ग के छोटे बेटे डॉ जैकी गर्ग जोकि लखनऊ के के.के. अस्पताल व उनकी पत्नी डॉ श्वेता किंग जोर्ज मेडीकल कॉलेज में कार्यरत हैं। कोरोना महामारी के चलते सरकार ने लखनऊ के के.के अस्पताल में कोरोना वार्ड बनाया गया है जहां पर कोरोना के पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए डॉ जैकी गर्ग को उक्त वार्ड का अधीक्षक नियुक्त किया गया। इसके अलावा उनकी पत्नी डॉ श्वेता को भी किंग जोर्ज मेडीकल कॉलेज में कोरोना के पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए नियुक्त किया गया है। 

पिता को पुत्र और पुत्रवधु पर गर्व है
डॉ जैकी के पिता चरण दास गर्ग ने बताया कि उक्त बीमारी को देखते हुए उनके पुत्र व पुत्रवधु ने देश हित मे मरीजों की सेवा के लिये वहां पर ड्यूटी शुरू की। उन्हें उन दोनों पर गर्व है, जोकि आपदा के समय अपनी सेवाएं दे रहे है। डॉ. जैकी गर्ग व उनकी पत्नी डॉ. श्वेता गर्ग ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में काफी चुनौतियां हैं, लेकिन समाज के लिए हमारा खड़ा होना बेहद जरूरी है। हर पल हमें सतर्क रहना पड़ता है। वे लोगों को लगातार स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं।  स्थिति अभी ये हो चली है कि अस्पताल से घर जाने का कोई समय नहीं है। घर की चिंता लगी रहती है, लेकिन समाज भी हमारा परिवार है।

यही तो हमारी परीक्षा की घड़ी है

उन्होंने कहा कि हमने तो सेवा के संकल्प के साथ ही पढ़ाई की है, ऐसे में कोरोना से डरकर अपना संकल्प तोड़ देंगे, ऐसा हो ही नहीं सकता। यही तो हमारी परीक्षा की घड़ी है और हमें इसमें हर हाल में पास होना है। इसके अलावा उन्होंने देशवासियों खासकर शहरवासियों से अपील की हैं कि आप अपने घर पर रहें। इस समय सबसे बड़ी सेवा व सच्ची देशभक्ति यही है कितना भी जरूरी काम हो प्लीज घर से बाहर न जाएं। हम सबने मिलकर कोरोना को फैलने से रोकना है। ताकि हम और हमारा देश स्वस्थ रहे।

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