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झपकी आने पर हादसा:पिकअप-ट्रक की टक्कर से 6 की मौत, 16 घायल,बेटे शेखर को नींद आने लगी तो हादसे से कुछ देर पहले सुरेश ने संभाला था स्टेयरिंग

नारनौंद/हांसी/जींदएक महीने पहले
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हादसे में मरने वालों का किया अंतिम संस्कार। - Dainik Bhaskar
हादसे में मरने वालों का किया अंतिम संस्कार।

कंडेला के पास हादसे ने नारनौंद के 6 लोगों की जान ले ली। परिवार हरिद्वार में अस्ती विसर्जन करके लौट रहा था। गांव में 6 चिताएं एक साथ जलीं। एेसा दुखद हादसा नारनौंद में पहले कभी नहीं हुआ। शवों के गांव पहुंचते ही चारों ओर चीख पुकार मच गई। हर किसी की आखें नम थीं।

घर की गाड़ी होने के कारण पूरे परिवार के लोग प्यारेलाल की अस्थियां विसर्जन करने के साथ-साथ गंगा स्नान के लिए निकले थे। वापस आते समय करनाल से 1 किलोमीटर पहले गाड़ी का तेल खत्म हो गया था। गाड़ी में तेल डलवाने के लिए पेट्रोल पंप तक 1 किलोमीटर गाड़ी को धक्का लगाकर पेट्रोल पंप पर तेल डलवाया था। उन्होंने कहा कि हमें क्या पता था मौत हमारे साथ चल रही है। इसीलिए हम एक घंटा रास्ते में तेल डलवाने के लिए लगा दिया। गाड़ी का तेल समाप्त नहीं होता तो सभी सुरक्षित अपने घर नारनौंद पहुंच गए होते।

घायल लोगों ने बताया कि हादसे के समय अधिकतर लोग सो रहे थे। पिकअप को श्याम नगर निवासी सुरेश चला रहा था। सुरेश ने कुछ देर पहले ही गाड़ी चलानी शुरू की थी। इससे पहले उसका बेटा शेखर गाड़ी को चला रहा था, लेकिन नींद आने के चलते उसने गाड़ी रोक दी और उसके बाद सुरेश ने गाड़ी का स्टेयरिंग पकड़ा। परिवार के सदस्य भी शेखर को इसलिए साथ ले गए थे कि दो लोग गाड़ी चलाने वाले हो जाएंगे, लेकिन उसके बावजूद कंडेला के नजदीक सुरेश को नींद की झपकी आ गई और गाड़ी सीधे ट्रक से टकरा गई। यही नहीं हरिद्वार जाने के लिए जींद से सीधा वाया पानीपत से रास्ता है,

लेकिन पानीपत से आगे रोड खराब होने की वजह से परिवार के सदस्य वापसी के समय हरिद्वार से करनाल वाया अलेवा, नगूरां होते हुए जींद की तरफ आ रहे थे। उन सभी को नारनौंद जाना था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। सुरेश जींद में श्याम नगर में रहता है। जिस जगह हादसा हुआ है, वह जगह श्याम नगर से मात्र 11 किलोमीटर दूर थी। केवल 17 मिनट का ही रास्ता बचा था, लेकिन जींद में पहुंचने से पहले ही कंडेला के पास यह बड़ा हादसा हो गया। जिस समय हादसा हुआ, उस समय पिकअप में अधिकतर लोग सो रहे थे।

इसलिए अधिकतर को हादसे का अचानक पता लगा और उनके सिर और छाती पिकअप व आपस में टकरा गए, जिससे मरने वालों व घायलों को सिर व छाती के अलावा पैर और हाथ में ज्यादा चोटें आई हैं। यहां बता दे कि नारनौंद निवासी प्यारेलाल पहले जींद के श्याम नगर में परिवार के साथ रहता था, लेकिन कुछ साल पहले अपने दो बेटों के अलावा बाकी परिवार के साथ नारनौंद जा बसा था। उसकी शनिवार को बीमारी के चलते मौत हो गई थी। सोमवार को प्यारेलाल की अस्थियां विसर्जित करने हरिद्वार गए थे।

मृतकों में ये शामिल
मृतकों में प्यारेलाल की पुत्रवधू चंनो उम्र 45 साल, पत्नी सुरेश, पुत्र शीशपाल उम्र 39 साल, पौत्र अंकुश उम्र 15 साल पुत्र वीरभान, प्यारेलाल का बहनोई धन्ना उम्र 70 साल जो नारनौंद ही रहता था। प्यारेलाल का परिवार में भाई अर्जुन 60 वर्ष जो पंजाब के मोगा में रहता था। वह प्यारेलाल की मौत होने पर नारनौंद आया था।

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