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ओवरचार्जिंग का मामला:5 दिन भर्ती रहे कोरोना मरीज से 1.85 लाख वसूले, डिस्चार्ज के 4 दिन बाद हो गई थी मौत

हिसार19 दिन पहले
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अपनी गलती मानकर अस्पताल प्रबंधन ने शनिवार को 1 लाख 7 हजार 580 रुपये का चेक पीड़ित राकेश खुराना को लौटा दिया। - Dainik Bhaskar
अपनी गलती मानकर अस्पताल प्रबंधन ने शनिवार को 1 लाख 7 हजार 580 रुपये का चेक पीड़ित राकेश खुराना को लौटा दिया।
  • अस्पताल प्रबंधन ने बायोलॉजिस्ट के हस्तक्षेप पर 1,07,580 रु. का चेक लौटाया
  • आईएमए प्रधान बोले- ज्यादा बिल लेना गलत है, हम शर्मिंदा हैं

कोरोना काल में रोगियों व उनके तीमारदारों के भय का फायदा उठाकर ओवरचार्जिंग के मामले लगातार उजागर होने लगे हैं। ऐसा ही एक नया मामला शांति देवी जी आई अस्पताल में सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग से डीसीएचएस पंजीकृत अस्पताल प्रबंधन ने एनसीसी विंग में असि. हांसी निवासी सुभाष चंद से 5 दिन के कोरोना ट्रीटमेंट की एवज में 1 लाख 85 हजार रुपये जमा करवा लिए।

यह सरकार द्वारा निर्धारित पैकेज से कहीं अधिक राशि है। इतना ही नहीं 5 दिन के बाद रोगी को रिकवर बताकर डिस्चार्ज कर दिया था, जिनकी चार दिन बाद घर में मृत्यु हो गई थी। इस ओवर चार्जिंग का खुलासा तब हुआ, जब मृतक के बेटे राकेश खुराना ने राशि क्लेम के लिए पिता के विभाग में फाइल लगाई।

राकेश खुराना ने सिविल सर्जन को ई-मेल भेजकर व बायोलॉजिस्ट डॉ. रमेश पूनिया को मैसेंजर पर मैसेज भेजकर कंपलेंट की थी। बायोलॉजिस्ट ने तुरंत मामले पर संज्ञान लेकर अस्पताल प्रबंधन से बातचीत की। अपनी गलती मानकर अस्पताल प्रबंधन ने शनिवार को 1 लाख 7 हजार 580 रुपये का चेक पीड़ित राकेश खुराना को लौटा दिया।

इसी अस्पताल से एक महिला मरीज से ओवरचार्जिंग के बाद 36 हजार रुपये लौटाए हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन व स्टाफ पर कोरोना संक्रमित महिला के 18 तोले सोने के गहने गायब करने व रेमडेसिविर इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग का आरोप लगा है।

मेडिकल क्लेम के लिए बिल भेजे तो पता चला

हांसी वासी राकेश खुराना ने बताया कि हमें ओवर चार्जिंग का पता ही नहीं चला। यह तो पिता के विभाग में मेडिकल क्लेम के लिए बिल भेजे तो पता चला कि हमसे ज्यादा राशि जमा करवाई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को मामले से अवगत करवाया था। मेरे पास अस्पताल से डॉक्टर का फोन आया था। बोले कि आपका चेक बना रखा है ये लेकर जाओ। मैं गया तो मुझे 107580 रुपये का चेक लौटा दिया।

बायोलॉजिस्ट ने आईएमए से ब्लैक लिस्ट करने के लिए कहा

मलेरिया विभाग में बायोलॉजिस्ट डॉ. रमेश ने बताया कि राकेश खुराना ने मुझे मैसेज भेजकर ओवर चार्जिंग के बारे में बताया था। मैंने शांति देवी जी आई अस्पताल के संचालक डॉ. कपिल जैन से बात की थी। तब प्रबंधन ने गलती मानकर अतिरिक्त राशि राकेश खुराना के नाम चेक काटकर लौटा दी।

डॉ. पूनिया ने आईएमए के प्रधान डॉ. जेपीएस नलवा से अपील है कि वेे स्वयं इस मामले में संज्ञान लें और एक कमेटी बनाएं। सभी कोविड अस्पतालों में कोरोना रोगियों के खातों की जांच करें। ज्यादा पैसे वसूलने वाले अस्पतालों को ब्लैक लिस्ट करें।

प्रशासनिक कमेटी पर उठे सवाल

जिला प्रशासन ने अस्पतालों की निगरानी के लिए कमेटियां बनाकर रखी हैं। इसके बावजूद अस्पतालों में मरीजों से इलाज के नाम पर ओवर चार्जिंग हो रही है। इन पर अंकुश नहीं लगने से जाहिर है कि प्रशासनिक कमेटियां आंखें मूंदे हैं या फिर उनकी शह से ओवर चार्जिंग का खेल चल रहा है।

ओवरचार्जिंग गलत: डॉ. नलवा

कुछ अस्पताल संचालक मरीजों से इलाज के नाम पर ज्यादा राशि ले रहे हैं। मरीजों से ओवर चार्जिंग गलत है। इससे आईएमए शर्मिंदा है। आईएमए जल्द काॅन्फ्रेंस बुलाकर कोविड संबंधित मुद्दों पर अपने विचार रखेगी।
- डॉ. जेपीएस नलवा, प्रधान, आईएमए।

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