राहत की खबर:सिविल अस्पताल में 30 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पहुंचे, डीसी ने 100 मंगवाने के निर्देश दिए, प्लांट भी जल्द होगा शुरू

हिसार6 महीने पहले
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डीसी और डीआईजी ने फील्ड में प्रबंधों की समीक्षा की - Dainik Bhaskar
डीसी और डीआईजी ने फील्ड में प्रबंधों की समीक्षा की
  • संसाधनों की कमी में न जाए किसी की जान, प्रबंधन में जुटा प्रशासन और विभाग
  • 24 घंटे में 40 बड़े सिलेंडर भरने की होगी प्लांट की क्षमता

शहर के नागरिक अस्पताल में 30 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पहुंच गए हैं। इनसे पर्याप्त मात्रा में संक्रमिताें काे ऑक्सीजन मिल सकेगी। इतना ही डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी ने ऐसे 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मंगवाने के निर्देश दिए हैं। डीसी डॉ. प्रियंका सोनी और डीआईजी बलवान सिंह राणा ने बुधवार को नागरिक अस्पताल का दौरा कर विभिन्न प्रबंधों व स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की।

इस दौरान ऑक्सीजन प्लांट को आरंभ किए जाने की दिशा में अभी तक कोई प्रगति, चिकित्सकों के रोस्टर, आईसीयू मॉनिटर व अन्य उपकरणोंं की खरीद कार्यों, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता तथा मानव संसाधन के अधिकतम उपयोग को लेकर सीएमओ डॉ. रतना भारती तथा पीएमओ मनीष बंसल से विभिन्न जानकारियां मांगी और उन्हें दिशा-निर्देश दिए।

डीसी और डीआईजी ने फील्ड में प्रबंधों की समीक्षा की

डीसी डॉ. प्रियंका सोनी व डीआईजी बलवान सिंह राणा ने नागरिक अस्पताल में प्रबंधों की समीक्षा की । वहीं डीसी ने ऑक्सीजन प्लांट का दौरा किया और पूछा कि प्लांट उत्पादन कब तक शुरू हो जाएगा। पीएमओ डाॅ. मनीष बंसल ने बताया कि प्लांट में 24 घंटे में 40 बड़े सिलेंडर निकल सकेंगे। कॉपर पाइप बिछाने का कार्य शुरू किया है, एक या दो दिन में ठेकेदार द्वारा इसे संचालित करने का काम किया जाएगा।

समझिए क्या है ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एक मेडिकल डिवाइस होता है, जो हवा में से ऑक्सीजन को अलग करता है। दरअसल, हमारे वातावरण में मौजूद हवा में कई तरह के गैस मौजूद होती हैं और ये कंसंट्रेटर उसी हवा को अपने अंदर लेता है और उसमें से दूसरी गैसों को अलग करके शुद्ध ऑक्सीजन सप्लाई करता है।

जानिए कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से क्या फायदा?

विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में है तो जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह एक मिनट में पांच से दस लीटर तक ऑक्सीजन सप्लाई कर सकता है। ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह इसे बार-बार रिफिल की जरूरत नहीं पड़ती है और बिजली नहीं होने पर इनवर्टर से चल सकता है।

इधर दिल्ली की कंपनी कर रही जिंदल माॅडर्न स्कूल में जर्मन टेंट से स्ट्रक्चर तैयार

हिसार| शहर में डीआरडीओ द्वारा 500 बेड के अस्थायी अस्पताल की स्थापना का कार्य तेज गति से शुरू हाे चुका है। दिल्ली की एजेंसी काे इसका काम मिला है। जिंदल माॅडर्न स्कूल में तैयार किए जा रहे अस्थायी काेविड अस्पताल के लिए स्ट्रक्चर के रूप में जर्मन टेंट लगाया जाएगा।

निर्माण कार्य में लगे इंजीनियर्स, अधिकारियों और ठेकेदारों को दिशा-निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि गत दिनों हिसार दौरे पर आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दी गई हिदायतों की पालना करते हुए जल्द अस्थायी अस्पताल की स्थापना की जाए।

इस दौरान उपायुक्त को अवगत करवाया कि जिंदल उद्योग से अस्थायी अस्पताल तक ऑक्सीजन की पाइप लाइन लाने का कार्य आरंभ किया गया है। इस पर डीसी ने कहा कि संसाधनों के अनुरूप जितने भी बेड तैयार होते जाए, वहां सभी सुविधाएं मुहैया करवा दी जाए, ताकि कोरोना संक्रमितों का उपचार करना शुरू किया जा सके। उन्होंने ठेकेदारों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि इस कार्य में जरा भी देरी नहीं होनी चाहिए।

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