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मरीज का दर्द:12 दिन भर्ती रही, 4 इंजेक्शन मिले, बिना सर्जरी घर भेजा, इलाज के लिए एक मरीज को कम से कम 6 इंजेक्शन लगना जरूरी

अग्रोहा2 महीने पहलेलेखक: सत्यवान लोहचब
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अग्रोहा स्थित महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
अग्रोहा स्थित महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज।
  • फंगस की फांस -अग्रोहा कॉलेज में इंजेक्शन और दवाइयों के अभाव में लगातार हो रहीं मौतें, शनिवार को 4 मरीजों ने दम तोड़ा, अब तक 44 मौतें
  • डायरेक्टर बोलीं- रोगी के बाॅडी वेट के हिसाब से दिए जाते हैं इंजेक्शन

महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में ब्लैक फंगस के मरीजों को समय पर इंजेक्शन और दवाइयां न मिलने से ज्यादा दर्द झेलना पड़ रहा है। मरीजाें के परिजन इंजेक्शन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कई मरीज इंजेक्शन और दवाइयों के अभाव में घर जा चुके हैं। मरीजों के अभिभावकों का कहना है कि जबरन डिस्चार्ज किया जा रहा है।

अग्रोहा कॉलेज में 25 दिन में ब्लैक फंगस से पीड़ित 188 मरीज भर्ती हो चुके हैं। जिनमें से 125 मरीज डायबिटीज से पीड़ित पाए गए। इस दौरान 44 मरीजों की मौत हो चुकी है। मौतें इंजेक्शन के अभाव में हो रही हैं।

मेडिकल के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि शनिवार कोविड सेंटर में 151 मरीज भर्ती है। जिनमें से 80 मरीज ब्लैक फंगस से पीड़ित और 71 कोरोना पॉजिटिव हैं। इस समय 60 ऑक्सीजन बेड पर, 40 मरीजों हाई फ्लो ऑक्सीजन पर और 35 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।

13 नए मरीज भर्ती हुए और 15 मरीजों को डिस्चार्ज किया है। शनिवार को 8 मरीजों की मौत हुई। जिनमें से चार मौत ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों की हुई है। डाॅ. प्रवीण रेवड़ी, डाॅ. अनूप ग्रोवर ने बताया कि शनिवार को 11 लोगों की सर्जरी हुई। जिनमें से ब्लैक फंगस से पीड़ित 4 मरीजों के जबड़े के व 7 कान की सर्जरी हुई है। रविवार को भी 6 मरीजों की सर्जरी की जाएगी।

जानिए कैसे मरीजाें और उनके परिजनों ने अपनी पीड़ा बयां की

65 वर्षीय मेरी पत्नी को ब्लैक फंगस हो गया। 25 मई को अग्राेहा कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने कहा - आंख में फंगस है, सर्जरी करनी पड़ेगी। 12 दिन तक भर्ती रखा, केवल 4 इंजेक्शन दिए गए। 31 मई को रोहतक रेफर करने के लिए कहा गया। हमने विरोध किया लेकिन 5 जून को सुबह बिना सर्जरी के ही डिस्चार्ज कर दिया। दवाइयों के नाम पर मेडिकल में कुछ भी नहीं है।''
-राजाराम, नाथूसरी कला।

मेरे पिता को 16 मई को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में भर्ती करवाया। जिसका 22 मई को नाक का ऑपरेशन किया गया लेकिन उसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। 4 जून की शाम को मेडिकल से उसके पिता को जबरदस्ती डिस्चार्ज किया गया। बताया गया कि ब्लैक फंगस नाक से आंख से दिमाग तक फैल चुका है। उसके पिता की हालत लगातार बिगड़ रही है।'' -संदीप, सेक्टर 14 निवासी, हिसार।

मेरी मां को 23 मई को अग्रोहा कॉलेज में भर्ती कराया गया। डाॅक्टराें ने बताया कि जबड़े में फंगस हो गया है। सर्जरी का सुझाव दिया। मगर कॉलेज में मैग्नोफेशियल सर्जन ही नहीं था। सर्जरी हिसार के एक निजी अस्पताल में करवाई। इसके बाद दोबारा 24 मई को कॉलेज में भर्ती हो गई। 7 इंजेक्शन लग चुके हैं। लेकिन इंजेक्शन व दवाइयों का अभाव में दिक्कत आ रही है।'' -रजत, थुराना वासी।

45 वर्षीय मेरे पिता को नाक में दिक्कत हुई तो उन्हें 14 मई को अग्राेहा कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि ब्लैक फंगस हो गया है। बाद में पता चला कि ब्लैक फंगस नाक से आंख तक पहुंच गया है। 23 मई को मेरे पिता की नाक की सर्जरी की गई व बढ़ते फंगस को रोकने के लिए आंख निकालनी गई। उन्हें 15 इंजेक्शन लग चुके हैं। हालत में काफी सुधार है।'' -सुनील, खेदड़।

समय पर टीका नहीं बिगड़ रही हालत

अपनी सास को लेकर 23 मई को अग्रोहा कॉलेज में आई थी। डॉक्टरों ने बताया कि नाक में फंगस हो गया है, ऑपरेशन करना पड़ेगा। मगर दवाइयों के अभाव में समय लग गया। 28 मई को मेरी सास की नाक की सर्जरी हुई। लेकिन इसके बाद लगातार हालत बिगड़ रही है और समय पर इंजेक्शन न मिलने के कारण फंगस आगे फैल रहा है। अभी तक मेरी सास को 4 इंजेक्शन लगे हैं। अगर समय पर इंजेक्शन नहीं मिले तो हालत और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं।'' -मोनिका, डाया निवासी।

मेरे 33 वर्षीय बेटे की 1 जून को मैग्नोफेशियल सर्जन ने जबड़े की सर्जरी की। जिससे कुछ राहत मिली है। ब्लैक फंगस से उसका जबड़ा निकाल दिया गया। लेकिन अभी बेटा बोल नहीं पा रहा है। दवाइयों व इंजेक्शन का अभाव है।'' -ग्यासी राम, वासी हैबतपुर

किसी मरीज को नहीं किया जबरन डिस्चार्ज : डाॅ. गीतिका

ब्लैक फंगस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शनिवार को दो नए ऑपरेशन थियेटर शुरू किए गए, ताकि मरीजों की ज्यादा से ज्यादा सर्जरी की जा सके। सर्जरी के अभाव में किसी की मौत न हो। लेकिन कुछ दवाइयों के अभाव के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। लेकिन इधर-उधर से करके काम चलाया जा रहा है। कॉलेज में ब्लैक फंगस मरीजों के लिए अभी तक 877 इंजेक्शन आ चुके हैं। शनिवार को इंजेक्शन नहीं आए। बॉडी वेट के हिसाब से डोज की डिमांड भेजी जा चुकी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि रविवार तक इंजेक्शन पहुंच जाएंगे।लगातार डिमांड भेजी जा रही है। जबरन डिस्चार्ज किसी भी मरीज को नहीं किया जा रहा है। जिनकी सर्जरी हुई हैं उन्हें इंन्फेक्शन न हो। इसलिए घर ओरल ड्रग के साथ घर भेजा जाता है।'' -डॉ गीतिका दुग्गल, निदेशक, महाराजा अग्रसेन मेडिकल काॅलेज, अग्रोहा।

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