निगम इंजीनियरिंग ब्रांच ने दी रिपाेर्ट, एक्शन टेकन रिपाेर्ट बाकी:40 से ज्यादा गलियां अमरूत का काम करने वाली एजेंसियों ने ताेड़ीं

हिसार21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

अमरूत प्राेजेक्ट के तहत सीवरेज व पानी की लाइन डालने वाली एजेंसियाें ने शहर के सभी वार्डाें में 40 से ज्यादा गलियां उखाड़कर छाेड़ दी हैं। इंजीनियरिंग विंग के सर्वे रिपाेर्ट में ये खुलासा हुअा है।
हालांकि इंजीनियरिंग विंग ने जिम्मेदार एजेंसियाें के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाए, इसकाे लेकर अभी तक रिपाेर्ट पेश नहीं की है। निगम कमिश्नर अशाेक गर्ग द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी सर्वे के लिए हरकत में अाए थे। यहां बता दें िक पिछले दो वर्षों में शहर के कई वार्डों में अमरूत योजना के तहत सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने का कार्य किया है। जिन एजेंसियों को इस कार्य का ठेका दिया था, उक्त एजेंसियाें ने जहां जहां काम किया उन गलियाें की मरम्मत नहीं की। गलियां उखाड़ कर छाेड़े जाने से अाम लाेगाें काे परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। मामले सामने तब अाए जब कमिश्नर ने पिछले दिनों शहर के कई वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान पार्षदों सहित लोगों ने यह समस्या उनके समक्ष रखी थीं। इसके बाद कमिश्नर ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों से सर्वे करने के अादेश जारी किए थे।
सर्वे के लिए था 3 दिन का समय, एक्शन टेकन के लिए 7 दिन का

नगर निगम कमिश्नर अशाेक गर्ग ने सभी वार्डाें में सर्वे कर रिपाेर्ट मांगी थी। इसके लिए तीन दिन का समय दिया था ताे सात दिन के अंदर कार्रवाई कर रिपाेर्ट पेश करने के अादेश थे। मगर दो सप्ताह बीतने के बाद भी इंजीनियरिंग विंग ने न सर्वे रिपाेर्ट पेश की न एक्शन टेकन रिपाेर्ट दी। जिसके बाद निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बाद वीरवार को अधिकारियों ने निगमायुक्त को रिपोर्ट सौंप दी।

टेंडर की शर्ताें में ये शामिल िक एजेंसी ही ठीक करके देगी गलियाें की हालत

जब कोई पानी या सीवरेज लाइन बिछाने का टेंडर दिया जाता है तो टेंडर की शर्तों में यह भी शामिल किया जाता है कि इस दौरान लगाए जाने वाले राेड कट काे एजेंसी ही ठीक कराकर देगी। इसके अलावा दूसरा अाॅप्शन ये भी है कि एजेंसी संबंधित विभाग काे राेड कट का पैसा जमा करवा सकती है।

इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जिन एजेंसियाें ने निगम की सड़कें ताेड़कर छाेड़ी है उन एजेंसियाें से ही ये ठीक कराई जाएंगी।
- अशाेक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम।

खबरें और भी हैं...