नये साल पर सिविल अस्पताल को बड़ी सौगात:सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंची सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए एफेरेसिस मशीन

हिसार5 महीने पहले
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सिविल अस्पताल में रखी डिब्बा बंद एसडीपी के लिए एफेरेसिस मशीन। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल में रखी डिब्बा बंद एसडीपी के लिए एफेरेसिस मशीन।
  • इस साल तेजी से फैला था डेंगू, एसडीपी की खपत रोज बढ़कर पहुंच गई 30 से अधिक

सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक से आमजन के लिए राहत की बड़ी खबर है। यहां नये साल से सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की सुविधा मिलने लगेगी। इसके लिए एफेरेसिस मशीन उपलब्ध हो चुकी है। इसे जल्द इनस्टाॅल किया जाएगा। फिर संचालन के लिए लाइसेंस लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। बता दें कि इस साल डेंगू बीमारी चरम पर रही। इस दौरान मरीजों की प्लेटलेट्स काफी तेजी से घटने के कारण एसडीपी की डिमांड काफी बढ़ गई थी। ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. इंदू यादव ने एफेरेसिस मशीन मुहैया करवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा था। सीएमओ डॉ. रतना भारती की तरफ से डीजी हेल्थ के समक्ष मांग को रखा था।

जानिए... डेंगू का जब प्रकोप था, तब क्या थे हालात

1. एसडीपी के लिए खाने पड़े थे धक्के : डेंगू बीमारी तेजी से फैलने पर रोग ग्रस्त लोगों की प्लेटलेट्स घटकर 15 हजार से कम पहुंच गई थी। इससे अधिक प्लेटलेट्स वाले लोगों को आरडीपी या रेंडम डोनर प्लेटलेट्स आसानी से उपलब्ध हो रही थी मगर एसडीपी के लिए धक्के खाने पड़े थे। तब हालात बिल्कुल कोरोना जैसे थे। डेंगू बीमारी जब चरम पर थी, तब 30 से अधिक एसडीपी की डिमांड रोज थी।

2. निजी ब्लड बैंक पर ज्यादा निर्भर रहे मरीज : इसकी पूर्ति शहर के चुनिंदा निजी ब्लड बैंक व अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक पर निर्भर थी। एक वक्त ऐसा भी आया था कि डिमांड पूरी करने में ब्लड बैंक के संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए थे। किसी ने तो वेटिंग का बोर्ड तक लगा दिया था। इम्पोर्टेड एसडीपी किट्स की शॉर्टेज ने मरीजों की परेशानी को और भी बढ़ा दिया था। फिलहाल डेंगू पर नियंत्रण है।

थोड़ा काम करना बाकी तब मिलेगी सुविधा: इंदू

यह संयुक्त प्रयासों को परिणाम है कि अब एसडीपी के लिए भी एफेरेसिस मशीन उपलब्ध हो चुकी है। इसे स्थापित करने के लिए जगह का चयन किया जाएगा। मशीन इनस्टॉल करने के बाद 24 घंटे बिजली बैकअप, मशीन पर हाई व लो वॉल्टेज का असर न पड़े, अर्थिंग इत्यादि की व्यवस्था करके ही लाइसेंस की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। हमारा पूरा प्रयास है कि नये साल में आमजन को एफेरेसिस मशीन की सुविधा मुहैया करवा दें।'' - डॉ. इंदू यादव, इंचार्ज ब्लड बैंक सिविल अस्पताल।

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