पंचायत फंड में लाखों का फर्जीवाड़ा:BDPO और सचिव पर बिना काम करवाए लाखों रुपए के बिल पास करने का आरोप, ग्रामीण आज करेंगे प्रदर्शन

हिसार2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
हिसार के अग्रोहा खंड में पंचायत फंड में लाखों रुपए का गबन का मामला सामने आया। - Dainik Bhaskar
हिसार के अग्रोहा खंड में पंचायत फंड में लाखों रुपए का गबन का मामला सामने आया।

हिसार के अग्रोहा खंड में पंचायत फंड में लाखों रुपए का गबन का मामला सामने आया। आरोप है कि तत्कालीन बीडीपीओ व सचिव ने मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। अग्रोहा खंड के गांव किराड़ा की पंचायत का है। इस बारे में पीएम व सीएम को पत्र लिखकर गांव के युवाओं ने जांच करवाने की मांग की। आरोप है कि पंचायत के दोनों अधिकारियों ने मिलकर गांव में बिना काम करवाए ही लाखों रुपए के बिल पास कर दिए और फर्मों को आगे भुगतान भी कर दिया जबकि ऐसा कोई काम गांव में हुआ ही नहीं है जिनके बिल तैयार करके पंचायत के खाते से राशि निकलवाई गई है।

गांव किराड़ा वासी अजय सैनी व हेमंत कुमार ने पीएम और सीएम विंडो पर शिकायत देकर अग्रोहा ब्लॉक के तत्कालीन बीडीपीओ मनोज कुमार और ग्राम सचिव देवेन्द्र कुमार पर फर्जी तरीके से लाखों रुपए हजम करने का आरोप लगाया है। आज इस मामले को लेकर किराड़ा के ग्रामीण अग्रोहा में बीडीपीओ दफ्तर के आगे विरोध प्रदर्शन करेंगे।

फर्जी तरीके से लाखों रुपए की हजम करने के आरोप
शिकायतकर्ता ने शिकायत में बताया कि फरवरी माह के बाद ग्राम पंचायतों के सभी रिकार्ड खंड पंचायत अधिकारी एवं ग्राम सचिव द्वारा अपने कब्जे में लिए जा चुके हैं। फरवरी माह से ग्राम विकास के कार्य खंड एंव पंचायत अधिकारी बीडीपीओ और ग्राम सचिव की सहमति से ग्राम सभा की बैठक पर करवाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि खंड अग्रोहा के गांव किराड़ा में विकास कार्य के नाम पर लाखों रुपए की राशि फर्जी तरीके से निकाली गई है, जिसके एवज में तत्कालीन खंड एवं पंचायत अधिकारी मनोज कुमार और ग्राम सचिव देवेन्द्र ने न कोई ग्राम सभा की बैठक बुलाई और ना ही किसी प्रकार की कार्रवाई एवं प्रस्ताव ग्राम पंचायत रजिस्टर में दर्ज किया और बिना किसी काम को दिखाए,बगैर कोई कार्रवाई बगैर प्रस्ताव पास किए फर्जी तरीके से लाखों रुपए की राशि निकाल हजम कर गए हैं।

दोनों अधिकारियों ने मिलीभगत करके गांव का पानी का टैंकर भी बेच दिया
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस संबंध में फर्जी तरीके से फर्मों को फर्जी काम के बदले यह राशि दी गई है। यह विभागीय जांच का विषय है कि पंचायतों से रिकॉर्ड जब्त किए जाने के पश्चात कितने गांवों की इस प्रकार की राशि निकाली गई है और कितने गांवों में फर्जी बिलों के नाम पर पंचायतों की राशि हजम की गई है। इसके अलावा आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने मिलीभगत करके गांव का पानी का टैंकर भी बेच दिया जो गांव को राज्यसभा सांसद द्वारा दिया गया था।

वर्तमान बीडीपीओ भगवान दास ने बताया कि शिकायत विभाग के पास जांच के लिए आई है विभाग द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच की जाएगी। यदि कोई इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उससे न केवल गबन की राशि की रिकवरी कराई जाएगी। इसके साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया जाएगा।

खबरें और भी हैं...