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ब्लैक फंगस के रोगियों केे लिए राहत की उम्मीद:शहर की फार्मा एजेंसी ने हैदराबाद की कंपनी को दिया 1 हजार एम्फोटेरिसिन बी इमल्शन इंजेक्शन का ऑर्डर

हिसार12 दिन पहलेलेखक: भूपेश मथुरिया
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महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज का उपचार करते हुए चिकित्सकों की टीम। - Dainik Bhaskar
महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज का उपचार करते हुए चिकित्सकों की टीम।
  • बुधवार तक डिलीवरी संभव, ड्रग विभाग की नजर, निजी अस्पतालों ने भी एजेंसी को ऑर्डर दिया

टीकों के टोटे से जूझ रहे ब्लैक फंगस रोगियों के लिए राहत की खबर है। शहर की एक फार्मा एजेंसी ने हैदराबाद की दवा निर्माता कंपनी को एक हजार एम्फोटेरिसिन बी इमल्शन का ऑर्डर दिया है। बुधवार तक पहली खेप में 500 इंजेक्शन की डिलीवरी संभव है। हर 10 एमएल टीके की अधिकतम कीमत 4250 रुपये होगी।

टीकों की खरीद के लिए शहर के 3 बड़े निजी अस्पतालों ने ऑर्डर दिया है। इसके अलावा एजेंसी ने जिला प्रशासन, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और ड्रग विभाग को टीकों की सप्लाई से अवगत करवाया है। ऐसे में एजेंसी से इंजेक्शन सीधा अस्पतालों को मरीजों की डिमांड अनुसार सप्लाई होंगे।

इन्हें मरीजों के तीमारदारों को नहीं बेचा जाएगा, क्योंकि इससे इंजेक्शन के दुरुपयोग व कालाबाजारी का रास्ता खुलने की संभावना रहेगी। ड्रग विभाग भी एजेंसी पर नजर रखने के साथ संचालकों से संपर्क बनाए है, ताकि बिना प्रशासनिक अनुमति के खुलेआम बिक्री न हो।

हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में करीब 162 रोगियों का इलाज चल रहा है। शनिवार तक हिसार के 11 व दूसरे जिलों के 15 कुल 26 रोगी ब्लैक फंगस से जान गंवा चुके हैं। पिछले लंबे समय से एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन का टोटा चल रहा है, जिससे मरीजों को सही एवं संपूर्ण इलाज नहीं मिल पा रहा है।

अस्पतालों को मिलेंगे इंजेक्शन- एजेंसी से इंजेक्शन सीधा अस्पतालों को मरीजों की डिमांड अनुसार सप्लाई होंगे। मरीजों के तीमारदारों को नहीं बेचा जाएगा

प्रशासन की देखरेख में ही सप्लाई होंगे इंजेक्शन

शहर की इंडियन फार्मास्युटिकल डिस्ट्रीब्यूटर्स एजेंसी के पार्टनर सुरेंद्र गर्ग ने बताया कि एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की तीन फोम होती हैं। एक ट्रेडिशनल, दूसरी इमल्शन और तीसरी लाइपाेजाेमल है। पहली और तीसरी फोम के इंजेक्शन सरकार ने अपने नियंत्रण में लेकर सप्लाई जारी रखी है।

दूसरी इमल्शन फोम बनाने की नई कंपनी हैदराबाद में स्थापित हुई है। यहां प्रोडक्शन शुरू हो गया है। इसका पता चलने पर कंपनी को इंजेक्शन के ऑर्डर दिए थे। 1 हजार इंजेक्शन की एडवांस पेमेंट भी कर चुके हैं। ड्रग अधिकारी भी हमारे से संपर्क बनाए हुए हैं।

जिला प्रशासन व अग्रोहा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को इंजेक्शन की सप्लाई बारे जानकारी दे चुके हैं। इसकी बिक्री ओपन नहीं होगी। अस्पतालों को इंजेक्शन देंगे। कुछ निजी अस्पतालों ने इंजेक्शन का ऑर्डर दिया है। सप्लाई मिलते ही प्रशासन के मार्गदर्शन में इंजेक्शन की सप्लाई करेंगे।

उपलब्ध इंजेक्शन के हिसाब से भर्ती कर रहे रोगी: डॉ. हरीश

जितने एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन उपलब्ध होते हैं उतने ही मरीजों को एडमिट करके इलाज कर रहे हैं। उम्मीद है कि आगामी कुछ दिन में ब्लैक फंगस के इलाज में जरूरी दवाइयों की सप्लाई सुचारु होने के साथ रोगियों की संख्या घटेगी।'' डॉ. हरीश शर्मा, डायरेक्टर, आधार अस्पताल।

राहत की बात है रोगियों की संख्या कम हो रही : डॉ. माधुरी

एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की सप्लाई तो इम्प्रूव नहीं हुई है लेकिन अच्छी बात यह कि कोरोना केसों के साथ ब्लैक फंगस रोगियों की संख्या कम होने लगी है। 40 से ज्यादा पेशेंट का ट्रीटमेंट और करीब 30 की सर्जरी कर चुके हैं।'' डॉ. माधुरी मेहता, डायरेक्टर सर्जन, ईएनटी विभाग जिंदल अस्पताल।

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