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  • Despite The Ban, There Was A Lot Of Fireworks, AQI Level Reached 434 On The Day Of Diwali, Hisar Included In The Most Polluted Cities Of The State

जिला प्रशासन के आदेश हवा हाेते दिखे:बैन के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी, दिवाली के दिन एक्यूआई लेवल पहुंचा 434, हिसार प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल

हिसारएक महीने पहले
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सेक्टर 9-11 में शुक्रवार रात वातारवरण में छाया स्माॅग। - Dainik Bhaskar
सेक्टर 9-11 में शुक्रवार रात वातारवरण में छाया स्माॅग।
  • स्माॅग की चादर क्याें छायी तापमान कम हुआ तो सस्पेंडेड पार्टिकल नहीं उठ रहे ऊपर
  • कब छंटेगा धुआं तेज हवाएं चलने, बारिश होने या तापमान बढ़ने पर ही राहत संभव
  • डाॅक्टर्स की सलाह सांस के मरीज माॅर्निंग वाॅक बंद कर दें, हार्ट पेशेंट भी ध्यान रखें

दीपावली पर आतिशबाजी पर पाबंदी के जिला प्रशासन के आदेश हवा हाेते दिखे। आतिशबाजी और आसपास के जिलों में पराली जलाने से हवा प्रदूषित हाे गई।

दीपावली पर शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 434 पहुंच गया। जाे गंभीर कैटेगिरी में आता है। शुक्रवार सुबह एक्यूआई स्तर 421 रहा। दीपावली की शाम का एक्यूआई बुधवार शाम के मुकाबले 163 बढ़ गया। हिसार प्रदेश के सबसे प्रदूषित शहराें में रहा। 401 से 500 के बीच एक्यूआई का स्तर गंभीर स्थिति है। जाे स्वस्थ लाेगाें में भी प्रभाव डालने लगती है।

दरअसल, तापमान कम हाेने के चलते हवा में सस्पेंडेड पार्टिकल ऊपर नहीं उठ पा रहे। इसके कारण वातावरण में स्माॅग का चैंबर बना है। बरसात हाेने या तापमान में बढ़ाेतरी हाेने पर ही यह स्माॅग की चादर छंटने की उम्मीद है। वातावरण में हवा की स्थिति गंभीर हाेने के चलते चिकित्सकों ने सांस के मरीजाें काे माॅर्निंग वाॅक बंद करने की सलाह दी है।

जिले में आतिशबाजी बैन कर धारा 144 लगाई गई थी। मगर दीपावली की शाम काे शहर में जमकर पटाखे फाेड़े गए। दीपावली से पहले भी शहर की आबाेहवा पूअर कैटेगिरी में रही। बुधवार काे शहर का एक्यूआई स्तर 271 था, जाे दीपावली की रात बढ़कर 434 तक पहुंच गया था। डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया किन्यू ईयर तक पटाखे बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। यह हम सभी के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए प्रत्येक नागरिक के सहयोग जरूरी है।''

5 नवंबर काे दिखे बर्निंग प्वाॅइंट्स

जिला बर्निंग प्वाॅइंट्स

  • फतेहाबाद 213
  • हिसार 17
  • जींद 160
  • सिरसा 53

फतेहाबाद और जींद में 373 जगह जली पराली, धुंआ बढ़ा रहा प्रदूषण

आतिशबाजी के अलावा इन दिनों खेताें में पराली जलाई जा रही है। हिसार में शुक्रवार काे 17 बर्निंग प्वाॅइंट्स देखे गए। फतेहाबाद व जींद में ज्यादा पराली जलाई जा रही है। शुक्रवार काे फतेहाबाद में 213 और जींद में 160 जगहाें पर बर्निंग प्वाॅइंट्स देखे गए हैं। हरसैक सैटेलाइट के जरिए बर्निंग प्वाॅइंट्स पर निगरानी रख रहा है।

हेल्थ एक्सपर्ट व्यू, प्रदूषित हवा से एलर्जी और सांस की दिक्कत बढ़ती है

हवा में पीएम 2.5 फैक्टर बढ़ता है ताे एलर्जी व सांस की दिक्कत बढ़ने लगती है। एक्यूआई लेवल खराब है इसलिए सांस के मरीजाें के लिए यह जरूरी है कि चार-पांच दिन तक माॅर्निंग वाॅक बंद कर दें। प्रदूषित हवा से आंखाें में जलन और सूखी खांसी की दिक्कत आ सकती है। जाे पहले से सांस का मरीज हैं, हार्ट की दिक्कत है उनकाे एक्यूट अटैक आ सकता है। गंभीर मरीजाें काे अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है और उनकाे ऑक्सीजन देने की भी जरूरत पड़ सकती है। जिन लाेगाें काे सीजनल दमा है उनकाे आती व जाती ठंड में समस्या रहती है। ऐसे मरीजाें काे इन्हलेशन बढ़ानी पड़ सकती है।'' -अजय चुघ, फिजिशियन, सिविल अस्पताल।

पर्यावरण विशेषज्ञ, धुंए से वातावरण में मिल जाती हैं जहरीली गैसें

आतिशबाजी से निकलने वाले धुंए से वातावरण में सल्फर डाईऑक्साईड, कार्बन माेनाे डाईऑक्साईड, कार्बन डाइऑक्साईड जैसे गैस वातावरण में मिल जाती है। तापमान कम रहने के चलते यह धुंआ नमी के साथ मिलकर स्माॅग बना देता है। धुंए से निकलने वाले सस्पेंडेड पार्टिकल कम टैम्परेचर के चलते ऊपर नहीं उठ पाते। जिससे यह सांस के साथ हमारी श्वास नली में भी चले जाते हैं। आतिशबाजी ही नहीं ट्रैफिक बढ़ने के तहत गाड़ियाें का धुंआ और वेस्ट जलाने से भी हवा में पीएम फैक्टर बढ़ रहा है। जिससे वातावरण में जहरीला चैंबर बना है। बरसात हाेने, तेज हवा चलने और तापमान बढ़ने के कारण ही यह चैंबर हटेगा।'' -प्राे. नरसीराम बिश्नाेई, पर्यावरण वैज्ञानिक।

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