मुजफ्फरनगर महापंचायत में 27 को भारत बंद का ऐलान:युवकों की हूटिंग पर मंच से गुस्साए राजेवाल; बोले- पंजाब के नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा, टिकैत ने उठकर लगाई हुल्लड़बाजों को डांट

करनाल/हिसार/लुधियाना2 महीने पहले
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मुजफ्फरनगर महापंचायत में राजेवाल के भाषण के दौरान हूटिंग के बाद टिकैत ने मंच संभाला। - Dainik Bhaskar
मुजफ्फरनगर महापंचायत में राजेवाल के भाषण के दौरान हूटिंग के बाद टिकैत ने मंच संभाला।

मुजफ्फरनगर में देशभर से आए किसानों की महापंचायत का आयोजन हुआ। इस दौरान मंच पर संयुक्त किसान मोर्चा के 32 संगठनों के नेताओं के साथ-साथ दूसरे कई बड़े किसान नेता संबोधन किया। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने राजनीतिक पार्टियों को आड़े हाथों लिया। महापंचायत के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब मंच पर भाषण दे रहे बलवीर सिंह राजेवाल को हूटिंग का सामना करना पड़ा। राजेवाल इससे गुस्सा गए और कहा कि पंजाब के नेताओं को यहां बोलने नहीं दिया जा रहा है।

दरअसल जब राजेवाल भाषण दे रहे थे तो स्टेज के पास कुछ युवक हूटिंग करने लगे। इससे पंडाल में बैठे किसानों में हलचल होने लगी और सभी का ध्यान उनकी तरफ हो गया। वह लोग भी हाथों में किसानी झंडे लिए हुए थे। बलवीर राजेवाल गुस्सा हो गए और कहा कि 100 के करीब युवा दूसरे राज्यों से आए लोगों के भाषण के समय हूटिंग कर रहे हैं। यह बेहद गलत बात है, यह लोग रैली में परेशानी पैदा कर रहे हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सीनियर नेता राकेश टिकैत ने माइक संभाला और कहा कि यह कौन लोग हैं जो बिना वजह हल्ला कर रहे हैं। क्यों हंगामा किया जा रहा है। आपके हाथों में किसानी झंडे भी हैं, तो क्या समझा जाए कि आपको झंडे देकर किसी ने भेजा है। उन्होंने वालंटियर्स को कहा कि इन लोगों को यहां से हटा दिया जाए। इसके बाद युवकों को वहां से हटाया गया और बलवीर सिंह राजेवाल ने अपना भाषण जारी किया।

महापंचायत के मंच से 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया गया है। इसे आज तक का सबसे बड़ा किसान सम्मेलन बताया जा रहा है। करीब 5 लाख किसानों के पहुंचने का दावा किया गया है। किसानों ने इतनी भारी संख्या में इकट्‌ठे हो शक्ति प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया।

महापंचायत में भाकियू हरियाणा के गुरनाम सिंह चढूनी को सिरोपा भेंट करते आयोजक।
महापंचायत में भाकियू हरियाणा के गुरनाम सिंह चढूनी को सिरोपा भेंट करते आयोजक।

उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले काफी अहम है महापंचायत

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। पंजाब और हरियाणा में भाजपा के नेताओं को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यहां टोल भी बंद कर रखे हैं। मगर किसानों के प्रदर्शन का प्रभाव उत्तर प्रदेश में कम है। इसी को तेज करने और भाजपा के खिलाफ जनअंदोलन भड़काने की मंशा से यह महापंचायत बुलाई गई है। अगर किसान इस महापंचायत के माध्यम से किसान संगठन उत्तर प्रदेश के लोगों को अपने साथ चलाने में सफल हो जाते हैं तो भाजपा को चुनाव में इसका नुकसान हो सकता है।

मंच से प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी पर निशाना

मुजफ्फरनगर महापंचायत की स्टेज से किसान नेताओं राकेश टिकैत, बलवीर राजेवाल समेत कई सीनियर किसार नेताओं ने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ पर निशाना साधा। किसान नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री ओर मुख्यमंत्री किसानों को हलके में लेने की भूल कर रहे हैं। इसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा। वह सोचते हैं कि यूपी का किसान उनके कृषि कानूनों से खुश है मगर ऐसा नहीं है।

महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता योगेंद्र यादव।
महापंचायत को संबोधित करते किसान नेता योगेंद्र यादव।

योगेंद्र यादव बोले - योगी नहीं लुटेरा है

यूपी के मुख्यमंत्री योगी पर निशाना साधते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि योगी नहीं लुटेरा है। ये लोग देश भक्त नहीं, देशद्रोही हैं। योगेंद्र यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पांच साल में सरकार ने पांच बड़े पाप किए हैं। इनमें पहला, कर्ज माफी के नाम पर सरकार ने ढोंग किया। दूसरा, सरकार ने पिछले 4 साल में ना गन्ने का दाम बढ़ाया और ना किसानों को पैसा दिया। तीसरा, यूपी सरकार ने कहा था कि हम किसान का दाना-दाना खरीदेंगे, लेकिन सरकार ने पूरी खरीद नहीं की। चौथा, सरकार ने कहा था हम फसल बीमा लेकर आएंगे, लेकिन हम दो हमारे दो की सरकार ने किसान फसल बीमा के नाम पर ढाई हजार करोड़ रुपए किसान से लुटे गए। और पांचवां, सरकार ने जात-पात के नाम पर लोगों को बांटा और खून बहाया।

महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू हरियाणा के नेता अभिमन्यु कुमार।
महापंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू हरियाणा के नेता अभिमन्यु कुमार।

कसम के तौर पर यहां से एक-एक मुट्‌ठी माटी लेकर जाओ

हरियाणा भाकियू नेता अभिमन्यु कुमार ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यहां से एक-एक मुट्‌ठी माटी लेकर जाओ। जिससे कसम के तौर पर प्रयोग करें। जातिवाद को भूलकर संकल्प लें कि किसानों और मजदूरों का पक्ष लेने वालों को ही नेता चुनेंगे। ये किसानों का नहीं बल्कि हर उस व्यक्ति का आंदोलन है जो तीन वक्त का खाना खाता है। किसानों के मान-सम्मान के लिए अपनी गर्दन कटवा देंगे।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में जुटी भीड़।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत में जुटी भीड़।

दुहन खाप का समर्थन
मुजफ्फरनगर में आयोजित महापंचायत में हरियाणा के दुहन खाप के सुरेंद्र मान ने कहा कि खाप की तरफ से पूरा समर्थन व सहयोग रहेगा। वहीं करनाल की अनुराधा भार्गव ने कहा कि देश में वर्तमान किसान आंदोलन को इतिहास में दर्ज करवाना है। ताकि आने वाले बच्चे इसे पढ़ सकें। ये 36 बिरादरी की महापंचायत है। उत्तर प्रदेश से देश में लागू तीनों कानूनों को रद्द करवाने की मांग पूरी करवाएंगे।

महापंचायत में बोलते भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ।
महापंचायत में बोलते भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ।

हमारा नाम, जाति, धर्म, राज्य सब कुछ किसान

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ ने महापंचायत में कहा कि आज सरकार को एक बार सोचने के लिए मजबूर करने के लिए आए हैं। 2013 से पहले मुजफ्फरनगर के आसपास में भाजपा का कोई नाम निशान नहीं था। जब से यहां पर भाजपा आई है। तब से इस प्रदेश को जाति-धर्म में बांटा है। साथियाें हम जब-जब बंटे है, तब-तब पिटे हैं। हमारा एक ही नारा होना चाहिए कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, हम आपस में भाई-भाई। भाजपा वालों के बहकावे में मत आएं। हमारा नाम समझिए, हमारी कोई जाति नहीं है, हमारा कोई धर्म नहीं है। राज्य नहीं है। हमारा नाम, जाति, धर्म, राज्य सब कुछ किसान हैं। उन्होंने सभी को 7 सितंबर को करनाल में होने वाली महापंचायत के लिए निमंत्रण दिया।

मुजफ्फरनगर में सम्मलेन के लिए रवाना होते किसान।
मुजफ्फरनगर में सम्मलेन के लिए रवाना होते किसान।

इससे पहले हरियाणा के किसान भी सम्मेलन में भाग लेने के लिए रवाना हो चुके हैं। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी व जींद से किसानों का जत्था गया है। कई लोग शनिवार शाम व रात को ही मुजफ्फरनगर पहुंच चुके हैं और कई अलसुबह वहां के लिए रवाना हुए हैं। बसों व गाड़ियों में भरकर किसान गए हैं। हिसार के रामायण टोल, चौधरीवास टोल, बाडोपट्‌टी टोल से दर्जनों वाहन सुबह ही इस सम्मेलन के लिए रवाना हुए।

भारतीय किसान यूनियन व संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित किए जा रहे सम्मेलन में किए बड़े अहम फैसले लिए जा सकते हैं। हिसार से सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुंचे किसान नेता दिलबाग हुड्‌डा व रतिया से किसान नेता मनदीप नथवान ने बताया कि वह कल रात को ही यहां पर पहुंच गए थे। रास्ते में जगहों-जगहों पर यूपी के लोगों द्वारा किसानों की आवभगत की जा रही है और खाने के लंगर चल रहे हैं। रात में ही यहां पर हजारों किसान पहुंच चुके थे और सुबह होते ही हजारों की संख्या में किसान आने शुरू हो गए।

फिलहाल ग्राउंड लगभग भर चुका है और उसके बावजूद किसानों का आना लगातार जारी है। यहां एक अलग ही तरह का सम्मेलन दिख रहा है। अलग-अलग बोली, पहनावे व वेशभूषा में किसान पहुंचे हैं, लेकिन सबका मकसद एक ही है कि कृषि कानून रद्द हों।

मुजफ्फरनगर में सम्मलेन के लिए रवाना होते हरियाणा के किसान।
मुजफ्फरनगर में सम्मलेन के लिए रवाना होते हरियाणा के किसान।
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