किसानों का धरना प्रदर्शन:माफी न मांगने पर स्थायी तंबू लगाने की किसानों ने दी थी चेतावनी

हिसार15 दिन पहले
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विधायक डॉ. कमल गुप्ता से बातचीत करने के बाद किसान नेता ने धरने पर पहुंच किसानों से बातचीत की। इस पर सहमति के बाद किसानों ने धरना उठाने का ऐलान किया तो दो दिन से बना तनाव का माहौल दूर हुआ। इस दौरान सिटी थाना एसएचओ कप्तान सिंह व पुलिस बल भी तैनात रहा। - Dainik Bhaskar
विधायक डॉ. कमल गुप्ता से बातचीत करने के बाद किसान नेता ने धरने पर पहुंच किसानों से बातचीत की। इस पर सहमति के बाद किसानों ने धरना उठाने का ऐलान किया तो दो दिन से बना तनाव का माहौल दूर हुआ। इस दौरान सिटी थाना एसएचओ कप्तान सिंह व पुलिस बल भी तैनात रहा।

किसानाें और भाजपा के हिसार शहर के विधायक डाॅ. कमल गुप्ता के प्रकरण में 30 घंटे चला किसानों का धरना प्रदर्शन गुरुवार काे समाप्त हाे गया। किसानाें ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि यदि गुरुवार तक विधायक कमल गुप्ता ने माफी नहीं मांगी ताे शुक्रवार से उनके आवास के सामने पक्का तंबू लगा देंगे।

पिछले दाे दिन से किसान उनके आवास के सामने धरना लगाकर बैठे थे। किसान नेता से मुलाकात में गुप्ता ने कहा कि किसान मेरेे लिए सम्मानीय हैं, उन्हें न तो गलत कहा और न ही कभी गलत कहूंगा। इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ। दअरसल, गुरुवार सुबह रामायण टाेल से किसान नेता धरने पर पहुंचे। कुछ समय बाद रामायण टाेल से किसान नेता रणवीर मलिक ने विधायक डाॅ. कमल गुप्ता से फाेन पर प्रकरण पर बातचीत की।

बाद में मलिक अकेले भाजपा कार्यालय पहुंचे और डाॅ. कमल गुप्ता से बातचीत की। इसके बाद रणवीर मलिक वापस धरना स्थल पर पहुंचे और दाेनों के बीच हुई बातचीत किसानाें के सामने रखी। इसके बाद किसानों ने धरने काे समाप्त करने का फैसला किया। दो दिन से यहां सुरक्षा के लिए पुलिस की 5 कंपनियां तैनात रहीं। गौरतलब है कि गत साेमवार को रेस्ट हाउस में किसानाें की बैठक के दाैरान विधायक कमल गुप्ता पहुंचे थे। किसानों ने विधायक काे घेरा था और धक्कामुक्की में उनका कुर्ता फट गया था।

केवल कुर्ता फाड़ने वाले के बारे में बोली थी कठोर बात : गुप्ता

किसान मेरे लिए सम्मानित हैं और आगे भी रहेंगे। मैंने कभी किसानाें के प्रति अपशब्द नहीं कहे और न ही कहूंगा। गुरुवार सुबह पिता तुल्य किसान नेता रणवीर मलिक मेरे पास आए थे। उन्हाेंने खुद मिलने का समय मांगा था। मलिक साहब से सभी मुद्दाें पर खुलकर विचार-विमर्श हुआ। मेरी बात सुनने के बाद किसान नेता ने पूरी सहमति जताई।

साथ ही वह संतुष्ट हाेकर गए। जहां तक माफी मांगने की बात है ताे मैंने कभी किसान या बुजुर्ग के प्रति काेई टिप्पणी ही नहीं की ताे इसमें माफी की बात कहां से आती है। किसान मेरे लिए आदरणीय हैं। तीन दिन पहले रेस्ट हाउस में किसानाें की बैठक के दाैरान किसी शरारती तत्व ने बदतमीजी (कुर्ता फाड़ा) की थी।

मैंने ताे उसके लिए कुछ कठाेर बात कही थी। इन तीन दिन के दाैरान मेरी काेई वीडियाे देखें ताे साफ हाे जाएगा कि मैंने कभी भी किसानाें के प्रति टिप्पणी नहीं की। मैं किसान भाइयाें से आग्रह करूंगा कि वे सभी धरना समाप्त कर दें। -जैसा कि विधायक डाॅ . कमल गुप्ता ने कहा

विधायक के जवाब से संतुष्ट, मैंने पैराें के हाथ नहीं लगाने दिया: मलिक

मैं सुबह भाजपा विधायक डाॅ. कमल गुप्ता से मिला। डाॅ. गुप्ता ने मुझे पिता तुल्य मानते हुए मेरे पैर छूने की काेशिश की, लेकिन मैंने उन्हें पांव छूने से मना कर दिया। डाॅ. कमल गुप्ता ने साफ किया कि उन्हाेंने कुर्ता फाड़ने वाले के प्रति टिप्पणी की थी, लेकिन किसानाें के खिलाफ कुछ भी नहीं कहा था। जहां तक माफी मांगने की बात है ताे, वह मेरे पांव छू रहे थे ताे माफी जैसा ही हाे गया।

अब और माफी मांगने की बात क्या है। हमारा मसला था कि विधायक ने किसानाें के प्रति अपशब्द कहे थे। लेकिन विधायक ने साफ कहा कि उन्हाेंने कभी किसानाें के प्रति गलत बात नहीं की अाैर न ही कभी करूंगा। उन्हाेंने असामाजिक तत्व केवल उस व्यक्ति काे कहा था जिसने उनका कुर्ता फाड़ा था। पूरी बातचीत के दाैरान कमल गुप्ता ने किसानाें काे सम्मानित बताया।'' जैसा कि किसान नेता रणवीर मलिक ने कहा

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