• Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Hisar
  • Farmers Sitting On Hunger Strike For The Second Day To Guarantee MSP, A Group Of Nihangs Went, The Other Said Will Go With The Front

किसान मजदूर एकता आम्बेडकर युवा समिति ने निकाला पैदल मार्च:एमएसपी की गारंटी को दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे किसान, निहंगों का एक जत्था गया, दूसरा बोला- मोर्चे के साथ ही जाएंगे

राईएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
किसानों का मेला पहले आए लोग लौट रहे, रोज नए जत्थे पहुंच रहे कुंडली - Dainik Bhaskar
किसानों का मेला पहले आए लोग लौट रहे, रोज नए जत्थे पहुंच रहे कुंडली
  • 16 दिन में तीसरी बार आज फिर संयुक्त किसान मोर्चे से बड़े फैसले का इंतजार

कुंडली बॉर्डर पर माहौल धीरे-धीरे बदलता जा रहा है। रविवार रात को टीडीआई मॉल के सामने बैठी एक निहंग जत्थेबंदी आंदोलन से वापस चली गई। वहीं, दूसरे निहंग जत्थेबंदियों ने फिलहाल घर जाने से किनारा कर लिया है। वे संयुक्त किसान मोर्चा के साथ ही लौटने की बात कह रहे हैं। उधर, संयुक्त किसान मोर्चा के धरने के बाहर दूसरे दिन भी किसानों ने भूख हड़ताल की। वे एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। देर शाम किसान मजदूर एकता की युवा विंग ने डॉ. भीमराव अाम्बेडकर की याद में पैदल मार्च निकाला।

संयुक्त किसान मोर्चा ने एमएसपी समेत सभी मुद्दों पर सरकार से बातचीत के लिए 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। साथ ही 7 दिसंबर को अगली रणनीति के लिए कुंडली बॉर्डर पर बैठक बुलाई है। एमएसपी गारंटी कानून की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। सोमवार को दूसरे दिन भी राजेंद्र सिंह कोहला, सतनाम सिंह पटियाला, विक्रम सिंह गुरदासपुर, करतार सिंह कैथल, नरेश सांगवान अंबाला, कुलदीप सिंह मोगा ने भूख हड़ताल की। सभी किसानों की मांग है कि जब तक एमएसपी पर गारंटी कानून न बने, यहां से आंदोलन समाप्त नही होना चाहिए। कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 4 दिसंबर को आंदोलन जारी रखने की घोषणा की थी। 5 दिसंबर की रात को टीडीआई के पास धरनारत गुरदासपुर के गुरु नानक देव पंथ नाम की निहंग जत्थेबंदी आंदोलन से वापस चली गई है। निहंग जत्थेदारों ने अपना सामान समेटकर ट्रकों में लादा और अपने घोड़े भी ट्रक में चढ़ाकर चले गए। 3 दिन पहले ही निहंग सिख दिल्ली के गुरुद्वारे में मत्था टेकने के लिए भी पहुंचे। माना जा रहा है कि कुंडली बॉर्डर पर मौजूद बाकी निहंग जत्थेबंदियां भी जल्द वापसी की तैयारी कर सकते हैं।

पंजाब की युवा टीम के सदस्य मनाने पहुंचे तो निहंग बोले- जीत चुके आंदोलन
टीडीआई मॉल के सामने निहंग जत्थेबंदी की वापस जाने की सूचना पर पंजाब की युवा टीम के सदस्य गुरप्रीत सिंह, सेवादार जसकरण सिंह, ठोलेदार मानसिंह मानसा, रंजीत सिंह सराबा ने कहा कि उनकी टीम निहंग सिखों के पास गई थी। उन्हें कहा गया कि अभी 7 दिसंबर तक का इंतजार करो। 7 दिसंबर को कोई बड़ा एलान हो सकता है। निहंगों ने कहा कि अब उनका आंदोलन जीत चुका है।

पंजाब से पहुंची महिलाएं बोलीं- अभी आंदोलन समाप्त नहीं होगा
पंजाब के तरनतारन, पटियाला, अमृतसर से काफी संख्या में महिलाओं का जत्था कुंडली बॉर्डर पर पहुंचा। महिला टीम की सदस्य सिमरनजीत कौर, प्रविंद्र कौर, रूपिंद्रपाल कौर ने कहा कि किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी भी सबसे अधिक रही है। महिलाओं ने भी एक साल किसान भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि अभी आंदोलन और लंबा चलेगा। इसलिए वे लंगर सेवा के लिए यहां आई हैं। आज फिर संयुकत किसान मोर्चा की मीटिंग पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

खबरें और भी हैं...