कार्य प्रगति पर:500 बिस्तर के अस्थायी अस्पताल के लिए आधे हिस्से का स्ट्रक्चर तैयार, बेड मंगवाए

हिसार6 महीने पहले
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अस्थायी अस्पताल में कुल 550 बेड लगाए जाएंगे जिसमें इलाज के लिए 500 बेड हाेंगे और 50 बेड स्टाफ के आराम करने के लिए उपलब्ध हाेंगे। - Dainik Bhaskar
अस्थायी अस्पताल में कुल 550 बेड लगाए जाएंगे जिसमें इलाज के लिए 500 बेड हाेंगे और 50 बेड स्टाफ के आराम करने के लिए उपलब्ध हाेंगे।
  • अतिरिक्त मुख्य सचिव ने हिसार का दौरा कर प्रबंधों की समीक्षा की

ओपी जिंदल माॅडर्न स्कूल में डीआरडीओ द्वारा तैयार किए जा रहे 500 बेड के अस्थायी अस्पताल के लिए तेजी से काम चल रहा है। एजेंसी ने देर शाम तक आधा स्ट्रक्चर तैयार कर दिया था। दिल्ली से मेडिकल बेड मंगवाए गए हैं। पाेर्टेबल बेड काे तैयार किया जा रहा है।

अस्पताल बनाने के काम में तेजी लाने के लिए हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं कोरोना महामारी को लेकर जिले के नोडल अधिकारी अनुराग रस्तोगी ने गुरुवार को हिसार का दौरा कर कोविड-19 प्रबंधों की समीक्षा की।

उन्होंने हिसार मंडलायुक्त चंद्रशेखर, डीसी डॉ. प्रियंका सोनी तथा डीआईजी बलवान सिंह राणा के साथ डीआरडीओ द्वारा ओपी जिंदल माॅडर्न स्कूल में स्थापित किए जा रहे 500 बेड के अस्थायी अस्पताल की स्थापना कार्यों का निरीक्षण किया।

बेकअप प्लान तैयार करने के दिए निर्देश

अस्थायी अस्पताल की स्थापना के प्रबंधों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर तेज गति से कार्य किया जाए। प्रबंधों को लेकर बेकअप प्लान भी तैयार किया जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि अस्थायी अस्पताल का ढांचा खड़ा करने के अलावा सर्विलांस, पुलिस सुरक्षा, मरीजों के अलावा उनके अटेंडेंट के रहने व खाने की व्यवस्था, बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन, जल निकासी, कैंटीन, मेडिकल स्टोर, अस्पताल संचालन के लिए डॉक्टर, पैरामेडिकल, अन्य स्टाफ, लैब व एंबुलेंस की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति सहित अन्य जरूरी कार्यों की भी व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित कर ली जाए।

मृत्यु दर कम करने को बनाएं ठाेस रणनीति

स्कूल परिसर के दौरे के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने लघु सचिवालय सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान जिला की स्वास्थ्य सेवाओं तथा महामारी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संक्रमितों की मृत्यु दर को कम करने की दिशा में ठोस रणनीति अपनाएं। इसके लिए एक कमेटी का गठन कर गंभीर मरीजों की व्यापक निगरानी की जाए। सिम्पटोमैटिक मरीजों का भी नियमित रूप से फॉलोअप किया जाए।

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