हरियाणा विस मानसून सत्र का समापन:CM मनोहर लाल ने दी अग्निवीरों को नौकर की गारंटी

हिसार4 महीने पहले
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विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - Dainik Bhaskar
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल।

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है। तीसरे दिन समापन पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि एक बिल लाकर परमानेंट व्यवस्था की जाएगी, कि लोगों की आम राय लेकर ही पंचायतों को नगर पालिका या नगर निगम में शामिल किया जाएगा। सीएम ने कहा कि चिराग योजना के तहत सभी स्कूल फ्री शिक्षा के है। हमने संस्कृति मॉडल स्कूल ऑन डिमांड की है। सीएम ने कहा कि हमें भूमि का अवैध स्थांतरण रोकना है। इसलिए हमने शामलात जमीन का ट्रांसफर नहीं करवा रहे। बंजर जमीन को लोगों को दिया जाएगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्‌डा ने सदन में कंसोलेडेशन एक्ट में संशोधन की मांग की।सीएम ने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत नौकरी करने वाले युवाओं को गारंटड नौकरी दी जाएगी।

तीसरे दिन प्रश्नकाल में असंध के विधायक ने शमशेर गोगी ने प्रश्न रखा कि असंध मंडी अधूरी है। नेशनल हाइवे के फ्रंट की जमीन को रिलीज करने का प्रोसेस चल रही है। बीच में से 100 फुट का रास्ता दिया जा रहा है, ताकि प्राइवेट कालोनी कट जाए। सरकार को नुकसान हो रहा है। सरकार का क्या इंटरस्ट है। तब कृषि मंत्री ने कहा कि हमारा जमीन छोड़ने का कोई विचार नहीं है। जो विरोध करने वाले हैं, उनको समझाए।

इस पर विधायक गोगी ने कहा कि सरकार मुझे दे दो। इस काम के लिए हम सरकार के साथ है। तब मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि आप भी सरकार के साथ आ जाओ। जैसे कुलदीप बिश्नोई आ गए है, वैसे ही साथ देने आ जाओ। हम स्वागत करेंगे। इस पर कांग्रेसी विधायकों की मंत्री से तीखी बहस हुई। गोगी ने कहा कि ये मंत्री जी इसलिए आदरणीय है, क्योंकि ये मंत्री के पद पर है। वैसे मैं इनकी तरह दल बदलू नहीं हूं। यदि ये मुझमें कुलदीप ढूंढते हैं तो मेरे मरने के बाद भी मुझमें कुलदीप नहीं मिलेगा। मंत्री हमारी पार्टी का नौकर था, हमें छोड़कर ही बीजेपी की सेवा में गया है।

इसके बाद तोशाम की विधायक किरण चौधरी ने मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई। किरण ने कहा कि हिसार और भिवानी को 2020 में सूखा ग्रस्त घोषित किया गया। भिवानी को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। मंत्री के संज्ञान में बात लाना चाहती हूं कि 6 गांवों ने आवेदन किया था। किसान धरने पर बैठे रहे। डीसी को उन गांवों के अंदर भेज दो, यदि गांव वाले कह दें कि हमने फसल बीमा योजना नहीं करवाई तो मैं झूठी हूं। तब डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 11 करोड 80 लाख रुपये मुआवजा बना। उन्हें डीबीटी भेज दिया गया। यदि मुआवजा नहीं मिला तो डीसी की अध्यक्षता में कमेटी बना देंगे।

नीलोखेड़ी विधायक बोले; 3 साल में 2 बार ही बोलने का मौका मिला

नीलोखेडी के विधायक धर्मपाल गोंदर ने नगर परिषद नीलोखेडी के फंड का प्रश्न उठाते हुए कहा कि नीलोखेडी का बहुत बुरा हाल है। हर बार सरकार को एक विधायक देता हैं। हमें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। तीन साल में दूसरी बार मुझे बोलने का मौका नहीं मिला। तब स्पीकर ने कहा कि मैं रिकार्ड निकालकर देता हूं। विधायक ने कहा कि तीन दिन से इंतजार कर रहा था। मेरा कोई काम नहीं हुआ, सिवाए सदन में एक माइक की पाइप लंबी होने के अलावा। या तो सदन का समय ओर बढ़ाए। इसके बाद प्रश्न काल समाप्त हो गया।

विनोद भयाना ने उठाया जलभराव का मुद्दा

जीरो आवर में हांसी के विधायक विनोद भयाना ने 15 गांवों में धान और कपास की फसल नष्ट होने का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि तीन बार लगातार फसल नष्ट हो गई। किसानों की स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिया जाए। हांसी की लाल सड़क पर हजारों लोग शहीद हो गए। 1857 से पहले हांसी जिला मुख्यालय होता था। हमारे लोग आजादी के लोग लड़ रहे थे। अंग्रेजों ने इसी कारण हांसी को जिला से सब हेडक्वार्टर बना दिया। आज हांसी को उसका मान सम्मान देना चाहिए और हांसी को जिला बनाया जाए। हांसी के लोगों के संघर्ष को सम्मान मिलें।

गोहाना विधायक जगसीर मलिक ने अग्निपथ योजना के विरोध में प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजने की मांग की। गीता भुक्कल ने भी जलभराव का मामला उठाया। सदन में सीएम और मंत्री के न होने पर विधायक आफताब अहमद ने इस पर आपत्ति जताई। स्पीकर ने कहा कि तीन मंत्री बैठे हैं। हुड्‌डा ने चुटकी लेते हुए कहा कि एक मंत्री तो माइनिंग के गड्‌डे खोदने गया है।

अभय चौटाला सदन में जलभराव का मुद्दा उठाते हुए
अभय चौटाला सदन में जलभराव का मुद्दा उठाते हुए

ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला ने कहा कि उनके हल्के में जलभराव के कारण फसले खराब हो गई। परंतु सरकार की ओर से स्पेशल गिरदावरी या मुआवजे का कोई आश्वासन नहीं मिला। लोगों ने खुद ट्रेक्टर लगाकर पानी निकाला। बीडीपीओ ब्लॉक ने दूसरे लोगों के नाम के ट्रेक्टर दिखाकर, डीजल दिखा दिया। तरकांवाली गांव में ग्रामीणों ने मुझे शिकायत की, एक जेसीबी दिखाई गई, परंतु वह कागजों में ही है। वहीं बलबीर सैनी ने विधानसभा में बोलने का मौका न मिलने पर नाराजगी जताई और वाक आऊट कर गए। इनके साथ ही शमशेर गोगी भी बाहर चले गए।