एयरपोर्ट विस्तार / एयरपोर्ट विस्तार के लिए एनवायर्नमेंट क्लीयरेंस की सुनवाई 10 काे, क्षेत्र के आसपास के लोग दे सकते हैं सुझाव और आपत्तियां

Hearing of environment clearance for airport expansion 10, people around the area can give suggestions and objections
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Hearing of environment clearance for airport expansion 10, people around the area can give suggestions and objections

  • जिला उपायुक्त ने एयरपोर्ट अथॉरिटी और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में पेंडिंग कार्यों की समीक्षा की

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

हिसार. एयरपोर्ट के दूसरे चरण के विस्तार के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस की जनसुनवाई 10 जून को एयरपोर्ट परिसर में होगी। इसमें एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अपने सुझाव, विचार व आपत्तियां दर्ज करवा सकता है। एयरपोर्ट विस्तार के लिए विभागों के कार्य संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर पूरा करवाएं। 
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में एयरपोर्ट अथॉरिटी व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हिसार एयरपोर्ट वर्तमान प्रदेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सभी अधिकारी फाइलों के पीछे लगकर इन्हें क्लीयर करवाएं। चंडीगढ़ मुख्यालय पर यदि किसी प्रकार की अड़चन आती है तो उच्चाधिकारियों व सरकार से बात की जाएगी।

एयरपाेर्ट परिसर में हाेगी सुनवाई
जिला उपायुक्त ने बताया कि हिसार एयरपोर्ट के दूसरे चरण के विस्तार की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत एनवायर्नमेंट क्लीयरेंस के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवेदन किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 10 जून को एयरपोर्ट परिसर में जनसुनवाई आयोजित करेगा। इसमें एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति, सुझाव अथवा विचार रख सकता है। पहले 25 मार्च जनसुनवाई होनी थी, मगर लॉकडाउन के कारण उस दिन जनसुनवाई नहीं की जा सकी थी।

नाेडल ऑॅफिसर नियुक्त

अतिरिक्त उपायुक्त विवेक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से जमीन शिफ्टिंग, फायर एनओसी, वन विभाग द्वारा पौधों की गणना व वन भूमि का स्थानांतरण, स्टेट अर्बन लोकल बॉडी द्वारा दी जाने वाली एनओसी, बिजली लाइनों की शिफ्टिंग, निरीक्षण गृह की शिफ्टिंग, बीपीसीएल गैस बॉटलिंग प्लांट की शिफ्टिंग, जल स्रोतों की शिफ्टिंग आदि के संबंध में जानकारी लेते हुए उनके लिए डेडलाइन निर्धारित की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग 10 जून की जनसुनवाई के लिए अपना एक-एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करें।

जानिए... क्या-क्या किया जाएगा विकसित
इस परियोजना का मकसद प्रदेश में रोजगार और शिक्षा को बढ़ावा देना, हवाई यात्रा, साहसिक खेल, पर्यटन को बढ़ाने तथा हिसार की हवाई पट्टी को एकीकृत विमानन हब के रूप में विकसित करना है ताकि एक ही स्थान पर कार्गो, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डाें, एमआरओ इत्यादि व्यापार के साथ उद्योग के लिए बेहतर अवसर पैदा कर सकें। वर्तमान में, केवल चरण-2 में कोड ई 4 ई के विमान के लिए 3000 मीटर गुणा 60 मीटर के रन-वे के साथ 3.5 एमपीपीए की हैंडलिंग क्षमता और 20 हजार एमटी की कार्गो क्षमता के लिए विकसित की जाएगी। द्वितीय चरण में कोड 4 ई के विमानों के यातायात की अनुमति मिल सकेगी और अनुसूचित व गैर अनुसूचित विमानों का संचालन हो सकेगा। 

दिल्ली एयरपाेर्ट पर ट्रैफिक काे कम करने के लिए हाेगा प्रयाेग

जेडब्ल्यूसी  के सदस्य राजेश कुमार ने बताया कि कुल 7200 एकड़ जमीन पर विकसित किए जा रहे हिसार एयरपोर्ट की विस्तार के बाद संचालन क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इससे एयरपोर्ट की यात्री हैंडलिंग क्षमता 3.5 एमपीपीए (प्रतिवर्ष यात्रियों की संख्या) और कार्गो क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन एमटीपीए होगी। यह गतिविधि-7 (ए) व श्रेणी-ए का एयरपोर्ट होगा। यह परियोजना नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डाें की भीड़भाड़ व ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।

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