हिसार के कंवारी स्कूल में धरना देंगे ग्रामीण:10 टीचर्स का हुआ था तबादला; आए केवल 3 शिक्षक; सवाल- ऐसे कैसे पढ़ाई होगी

हिसार7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
किसान यूनियन के नेता और ग्रामीण बातचीत करते हुए। - Dainik Bhaskar
किसान यूनियन के नेता और ग्रामीण बातचीत करते हुए।

हिसार में सरकारी स्कूलों से स्टाफ के स्थानांतरण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आदमपुर के 5 स्कूलों में धरना प्रदर्शन चल रहे हैं और रायपुर के स्कूली बच्चे भी रोड जाम करने की चेतावनी दे चुके हैं। अब कंवारी गांव के सरकारी स्कूल में भी स्टाफ की कमी के चलते ग्रामीणों ने भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला किया है।

गांव कंवारी के सरकारी स्कूल में पिछले दिनों 10 अध्यापकों की बदली हुई थी, लेकिन बदले में 3 अध्यापक ही आए। किसान-मजदूर पहले फसल बचाने की लड़ाई लड़ रहे थे, अब नस्ल बचाने की लड़ाई मिलकर लड़ेंगे। भारतीय किसान यूनियन चढूनी हिसार के शहरी प्रधान विकास ढांडा ने बताया कि सरकार हमारी आने वाली नस्लों को बर्बाद करना चाहती है।

यह हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। सभी सरकारी महकमों का निजीकरण किया जा रहा है। हम हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। कंवारी के सरकारी स्कूल में पिछले दिनों 10 अध्यापकों की बदली हुई थी, लेकिन केवल 3 अध्यापक ही आए। बड़े शर्म की बात है। सोमवार से गांववासी, स्कूल प्रबंधन कमेटी एंव किसान मोर्चा के लोग आमरण-अनशन शुरू करेंगे।

जब तक स्कूल के अंदर पूरे अध्यापक नहीं आ जाते, तब तक विकास ढांडा आमरण अनशन पर रहेंगे। चाहे कुछ भी हो जाएं, अब कदम पीछे नहीं हटेंगे। आखिरकार हमारे बच्चों के भविष्य का सवाल है।