हिसार की साख को बट्‌टा:स्वच्छता सर्वेक्षण में 60 पायदान फिसलकर 165वीं रैंक पर पहुंचा शहर, 2018 से भी बदतर हुए हालात

हिसार6 महीने पहले
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केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के रिजल्ट ने हिसार में सफाई व्यवस्था चाक चौबंद होने के दावों की पोल खुल गई है। हालात सुधरने की बजाय और ज्यादा खराब हो गए हैं। पूर्व के सर्वेक्षण की तुलना में इस बार बेहतर सफाई व्यवस्था की बातें हो रही थी, लेकिन सर्वे में शहर को 165 अंक मिले, जो पिछले साल की तुलना में 60 पायदान गिरी हैं।

हिसार नगर निगम का दावा था कि शहर को देश के 100 साफ सुथरे शहरों की लिस्ट में लाएंगे।साफ सफाई की कई योजनाओं पर अमल की बात कही गई। अधिकारियों की बैठकें चली, विस्तृत कार्ययोजना के दावे भी किए गए, लेकिन परिणा अब ढ़ाक के तीन पात वाला रहा। कहां सफाई के हालात सुधारने के भारी भरकम दावे थे, वहीं रिजल्ट आया तो हिसार अपना पूर्व का दर्जा भी बरकरार नहीं रख पाया। इस साल हिसार के सफाई में रैकिंग सुधरने की बजाय तीन साल पीछे चली गई है। हिसार के सफाई व्यवस्था में 165 अंक मिले हैं जो बीते साल से 60 पायदान नीचे है।

मेयर बोले, नए प्रयासों की जरूरत
मेयर गौतम सरदाना स्वयं मान रहे हैं कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए अभी नई प्लानिंग व प्रयास की जरुरत है। मेयर ने इसके लिए नई प्लानिंग भी की है जिसके तहत निगम प्रशासन को काम करने के संबंध में दिशा निर्देश भी दिए हैं। उनका कहना है कि कहां क्या दिक्कत रही, इसको जांचा परखा जाएगा।

स्वच्छता में गिरावट के कारण
शहर के ज्यादातर एरिया में सफाई की हालात बद्दतर है। खुले में कचना फैंका जाता है, जो कई दिनों तक उठाया ही नहीं जाता। रेलवे, बस स्टैंड के आसपास के एरिया में खाली पड़ी जमीनों पर कचरे के ढ़ेर बने हुए हैं। निगम बाइपास बन बने कचरे के पहाड़ को खत्म नहीं कर पाया और ना ही कचने का ढंग से निस्तांतरण हुआ है। सीवरेज व्यवस्था जाम होने से गलियों व सड़कों पर खुले में पानी फैला रहता है। निगम द्वारा बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों का भी बुरा हाल है।