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ऐलनाबाद उपचुनाव के लिए अभय चौटाला ने भरा नामांकन:बोले- कांग्रेस में पैसे देकर टिकट मिलती है और भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा BJP की कठपुतली है, दोनों पार्टियां क्या चुनाव जीतेंगी

हिसार19 दिन पहले
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एसडीएम कार्यालय में उपचुनाव नामांकन जमा कराते अभय चौटाला। - Dainik Bhaskar
एसडीएम कार्यालय में उपचुनाव नामांकन जमा कराते अभय चौटाला।

ऐलनाबाद उपचुनाव के लिए शुक्रवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। आज नामांकन का आखिरी दिन है और इनेलो नेता अभय चौटाला ने नामांकन भरा है। करीब एक बजे इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला ने अपना नामांकन ऐलनाबाद एसडीएम कार्यालय में जमा करवाया। नामांकन से पहले अभय चौटाला ने ऐलनाबाद से भाजपा पार्षद नरेंद्र सिंह निंदी को इनेलो में शामिल कर लिया।

नामांकन से पहले अभय चौटाला ने सिरसा के सालासर हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की और उसके बाद ऐलनाबाद के लिए निकले। नामांकन के समय अभय चौटाला के बेटे करण चौटाला उनके साथ मौजूद थे। लेकिन ओमप्रकाश चौटाला गुरुग्राम दौरे पर होने के कारण नहीं पहुंच सके। नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद अभय सिंह ने मीडिया से भी बातचीत की।​​​​​

नामांकन भरने से पहले सालासर हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करते अभय चौटाला।
नामांकन भरने से पहले सालासर हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करते अभय चौटाला।

अभय चौटाला ने कहा कि यह चुनाव उनका नहीं है। यह तो जनता का चुनाव है। जनता के कहने पर ही उन्होंने तीन कृषि कानून के विरोध में अपना इस्तीफा दिया था। उन्होंने चुनाव से पहले पंचायत बुलाकर लोगों से पूछा था कि इनेलो की टिकट पर किसे खड़ा किया जाए तो जनता ने उन्हें ही अपना उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस आज किसान हितैषी होने का नाटक कर रही है।

जबकि इसके नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा भाजपा की कठपुतली हैं। अगर कांग्रेस के 32 एमएलए भी अपना इस्तीफा दे देते तो सरकार के विधायकों को भी अपना इस्तीफा देना पड़ता। कांग्रेस और भाजपा ने अपने वर्करों को बजाय उन लोगों को टिकट दी है जो कुछ ही दिन पहले पार्टी में आए हैं। जैसे पवन बेनीवाल 10 दिन पहले कांग्रेस में आया और टिकट ले आया।

भाजपा पार्षद नरेंद्र सिंह निंदी को इनेलो में शामिल करते अभय चौटाला
भाजपा पार्षद नरेंद्र सिंह निंदी को इनेलो में शामिल करते अभय चौटाला

जबकि पूर्व विधायक भरत सिंह बेनीवाल पुराने कांग्रेसी हैं। कांग्रेस ने उपचुनाव में उसे मेरे सामने खड़े करके बलि का बकरा बनाया था। भरत सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि मेरा संघर्ष हारा। पैसा जीता तो इसका मतलब कि कांग्रेस में पैसे देकर चुनाव टिकट मिलती है। वहीं भाजपा भी दूसरी पार्टी से आए नेता को टिकट दे रही है। जनता दोनों को सबक सिखाएगी।

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