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कोरोना काल:बिचपड़ी पीएचसी के 11 गांवों में फिलहाल कोरोना के 22 एक्टिव, 366 ठीक हुए, 16 लोगों की हो चुकी मौत

सुलखनी22 दिन पहले
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सुलखनी. बिचपड़ी गांव स्थित पीएचसी के मुख्य गेट ताला लगा हुआ था तो बराबर में छोटा गेट खुला मिला। खाली पड़ा डॉक्टर का रूम जिस पर कोई मौजूद नहीं है। हालांकि हेल्थ टीम बरवाला क्षेत्र के गांवों में कोरोना जांच को लेकर सैंपलिंग पर विशेष फोकस कर रही है। - Dainik Bhaskar
सुलखनी. बिचपड़ी गांव स्थित पीएचसी के मुख्य गेट ताला लगा हुआ था तो बराबर में छोटा गेट खुला मिला। खाली पड़ा डॉक्टर का रूम जिस पर कोई मौजूद नहीं है। हालांकि हेल्थ टीम बरवाला क्षेत्र के गांवों में कोरोना जांच को लेकर सैंपलिंग पर विशेष फोकस कर रही है।
  • ग्रामीण बोले - पीएचसी का स्टाफ रहता है गायब, सी. मेडिकल ऑफिसर बोले, आरोप गलत

रमेश सांगा

लगभग 42 हजार की आबादी वाली बिचपड़ी पीएचसी के 11 गांव में कोरोना महामारी की स्थिति वर्तमान में ठीक है। इन 11 गांव में एक माह में 16 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। 366 लोग ठीक हो गए हैं। वहीं वर्तमान में 22 केस कोरोना के एक्टिव भी हैं। करोड़ों रुपए खर्च कर पीएचसी बनी थी। यहां पर डॉक्टरों की नियुक्ति भी हो चुकी है, लेकिन पीएससी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है।

यहां के 11 गांव के मरीजों को इलाज के लिए बरवाला या हिसार जाना पड़ रहा है। 24 कमरे और स्टाफ के लिए बने क्वार्टर के साथ बनी पीएचसी में 13 लोगों का स्टाफ नियुक्त किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 6 महीने से यहां पर ओपीडी देखने वाले बड़े डॉक्टर सहित 7 लोगों का स्टाफ ड्यूटी से गायब है।

सिर्फ 6 लोग ही ड्यूटी पर आ रहे हैं। जिनमें चतुर्थ श्रेणी एमपीएचडब्ल्यू एक अन्य शामिल है। बिछपड़ी गांव में ढाई एकड़ पर करीब 3 करोड़ 80 लाख में पीएचसी हेल्थ सेंटर का कार्य 2018 में शुरू हुआ था। 11 गांवों के लिए बनी पीएचसी का उद्घाटन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 3 सितम्बर 2019 में किया था।

सरपंच बोले- सुविधाएं शुरू करने की मांग की

पीएचसी को सुचारू रूप से शुरू करवाने को लेकर बरवाला के एसएमओ परमजीत से मिले थे। हमने गुहार लगाई थी कि पीएचसी को सुचारू रूप से शुरू कीजिए। सभी स्टाफ समय पर पहुंचे ताकि ग्रामीणों को सुविधा मिले। सुविधा के अभाव में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि हमारे पास स्टाफ की कमी है। स्टाफ के लोग कागजों में ड्यूटी पर दिखाए गए हैं। हकीकत में 6 लोग ही ड्यूटी पर आ रहे हैं।'' -किताब सिंह, सरपंच सरसौद।

पीएचसी में सारा सामान नहीं आया है : परमजीत

पीएचसी में अभी कार्य कंप्लीट नहीं हुआ है। अभी सारा सामान नहीं आया है। स्टाफ पूरा होगा तो लोगों को तमाम सुविधाएं मिलेंगी। डॉक्टर ड्यूटी पर हैं, जिन लोगों की कंडीशन ज्यादा सीरियस होती है उनको रेफर किया जाता है, बाकी लोग होम आइसोलेट ही रहते हैं। पीएचसी के तीन चार गांव साथ लगते हैं। ग्रामीणों के आरोपों को बेबुनियाद बताया।'' -परमजीत सिंह, सीनियर मेडिकल ऑफिसर , बरवाला।
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