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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना:तीन साल में ही कम हो गए 33 फीसदी लाभार्थी किसान; खर्च भी हुआ आधा, नए रजिस्ट्रेशन पर रोक

हिसार2 महीने पहले
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प्रधानमंत्री की तरफ से किसानों की मदद के लिए शुरू की गई किसान सम्मान निधि योजना में लाभार्थी किसानों की संख्या लगातार तेजी से कम हो रही है। तीन साल में ही इस योजना का लाभ ले रहे किसानों की संख्या में 33 फीसदी की कमी आई है। इतने बड़े लेवल पर किसानों की संख्या किस कारण से घट गई है, इस पर अधिकारी भी कुछ स्पष्ट बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।

फरवरी 2019 में योजना की शुरूआत के समय जिले में 1 लाख 56 हजार 502 किसानों को इस योजना में रजिस्टर्ड किया था। तीन साल बाद नवंबर 2021 तक आते-आते इस योजना में लाभार्थी किसानों की संख्या सिर्फ ही 99 हजार 893 बची है। दो साल के अंतराल में ही 56 हजार 609 किसान योजना से बाहर हो गए हैं।

फरवरी में इस योजना पर किसानों को दो हजार रुपए देने पर पहली किस्त पर 31 करोड़ 30 लाख 4 हजार रुपए खर्चा आया था। वहीं किसानों की संख्या लगातार कम होने से 8वीं किस्त जारी करने पर सिर्फ 19 करोड़ 97 लाख 86 हजार रुपए का खर्चा आया है। जिले में अब तक कुल 207 करोड़ रुपए इस योजना के रूप में किसानों को दिए गए हैं। इस योजना में किसान को चार माह के अंतराल पर दो हजार रुपए की आर्थिक मदद सीधे किसान के खाते में भेजी जाती है। साल में कुल तीन किस्तें दी जाती हैं।

योजना में नए रजिस्ट्रेशन बंद, पुरानों में अपडेट भी हुआ बंद, टैक्सपेयर किसान योजना से बाहर

योजना की पड़ताल करने पर पाया कि इस योजना में एक साल से कोई भी नया रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। पहले से रजिस्टर्ड किसानों के खातों में भी अपडेट पर रोक लगी हुई है। अगर किसी किसान ने बैंक खाता बदल लिया है तो पोर्टल पर नया खाता अपडेट ही नहीं हो रहा है, जिस कारण से किसानों को किस्त की राशि मिल ही नहीं रही है।कुछ किसानों की मौत हो जाने व कई टैक्सपेयर किसान व नौकरीपेशा लोगों को योजना से बाहर किया गया है। जिला कृषि विकास अधिकारी डॉ प्रवीण मंडल के अनुसार योजना की शर्तों को पूरा करने वाले ही किसानों को लाभ मिलता है। अगर फार्म की खामियां हैं या शर्ते पूरी नहीं हैं तो पोर्टल खुद ही रजिस्ट्रेशन रद्द कर देता है।