गर्मी बढ़ी:मई में गर्मी बढ़ने से गाय-भैंस और अन्य पालतू पशुओं की देखभाल जरूरी

हिसार6 महीने पहले
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मई में गर्मी में बढ़ाेतरी की संभावना रहती है। इस महीने में पशुओं काे हीट स्ट्राेक, पानी की कमी, भूख या पाचन कम हाेने जैसी बीमारियाें से ग्रस्त रहने का खतरा बना रहता है। लुवास के वैज्ञानिक प्रदेश के किसानाें काे मई माह में पशुओं काे बीमारियाें से बचाव की वेबिनार के माध्यम से जानकारी दे रहे हैं।

लुवास व एच ए यू के वैज्ञानिकों के अनुसार गलघोटू से पशुओं काे निजात दिलाने के लिए समय पर टीकाकरण जरूर कराएं। लू एवं सीधी गर्म हवाओं से पशुओं का बचाव करें। पशुओं के लिए ऐसी व्यवस्था रखें कि जिससे पशुओं को छाया भी मिले व सीधी लू भी न लगे।

तापघात (हीट स्ट्रोक) से पशुओं को बचाने के लिए (विशेषकर भैंसों को) तापघात से बचाने के लिए 24 घण्टे ताज़ा पानी की व्यवस्था, पानी के साथ-साथ नमक भी उपलब्ध कराना, रात्रि काल में भेाजन की व्यवस्था, कम रेशे, उच्च ऊर्जा व सुपाच्य भोजन की उपलब्धता जरूरी है। ध्यान रहे कि यदि पशु के शरीर में पानी की कमी होगी तो दूध भी कम होगा।

अतः प्रयास करें कि हर पशु को 24 घण्टे ताज़ा पानी की उपलब्धता रहे और यदि किसी कारणवश ऐसा नहीं कर सकते तो कम से कम पशुओं को दिन में 4-5 बार नमक या लवणों-युक्त पानी ज़रूर पिलाएं व दिन में दो बार ज़रूर नहलाएं या उन पर पानी डालें। पशु-आहार में गेहूं का चोकर और जौ की मात्रा बढ़ाएं। चारे के लिए बोई गई चरी, मक्का आदि की कटाई करें।

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