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  • Karena Infected Asked For Help From Hisar DC By Telling Himself An IAS, Was Admitted In A Private Hospital, When He Got Well, He Got Trapped To Say Thanks.

फर्जीवाड़ा:काेराेना संक्रमित ने खुद काे आईएएस बताकर हिसार डीसी से मांगी मदद तो निजी अस्पताल में कराया था भर्ती, ठीक हाेने पर थैंक्स बोलने पहुंचा तो फंसा

हिसार23 दिन पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • आईएएस बताने वाले को पुलिस ने जांच के बाद छाेड़ा, इंस्पेक्टर बाेले- डिप्रेशन का शिकार है

महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव का काेराेना संक्रमित एक व्यक्ति ने खुद काे आईएएस अधिकारी बताकर हिसार डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी से हिसार के अस्पताल में भर्ती कराने के लिए मदद मांगी थी। डीसी ने उसे हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।

ठीक हाेने के बाद 7 जुलाई काे व्यक्ति डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी काे धन्यवाद देने उनके कार्यालय पर पहुंचा ताे शक हाेने पर डीसी के निर्देश पर उसे सिविल लाइन थाना पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जांच में व्यक्ति फर्जी आईएएस अधिकारी निकला। पुलिस की जांच में सामने आया है कि व्यक्ति पिछले काफी समय से डिप्रेशन का शिकार है।

इसके कारण उसने डीसी काे भी खुद काे आईएएस अधिकारी बताया था। पूछताछ के बाद चेतावनी देकर व्यक्ति काे छाेड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार महेंद्रगढ़ के एक गांव वासी 31 वर्षीय व्यक्ति काेराेना संक्रमित हाेने के बाद 30 अप्रैल काे हिसार आया। इसी दिन उसने हिसार की डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी के पास काॅल की।

कहा कि वह आईएएस अधिकारी है। उसकी मदद हिसार के किसी अस्पताल में भर्ती कराने में की जाए। डीसी के कहने पर व्यक्ति काे हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। कुछ दिन बाद ठीक हाेने पर वह अपने घर चला गया। 21 मई काे फिर वह एक निजी अस्पताल में आया और चेकअप करवाकर वापस लाैट गया।

डीसी ने दफ्तर में पहुंचने पर पूछा- किस बैच के आईएएस हो; व्यक्ति ने बताया- 2019 बैच का हूं, तो हुआ शक
बुधवार काे दाेपहर करीब 12:15 बजे वह डीसी कार्यालय पहुंचा। डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी ने उससे पूछा कि वह काैन से बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जिस पर उसने कहा कि वह 2019 बैच का आईएएस है। काैन-काैन से टीचर रहे हैं, इसके बारे में पूछने पर व्यक्ति जानकारी नहीं दे सका। शक हाेने पर डीसी ने उसे सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने व्यक्ति से पूछताछ की और बाद में छाेड़ दिया।

पहले एक एकेडमी में गणित पढ़ाता था व्यक्ति
सिविल लाइन के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ने बताया कि खुद काे आईएएस अधिकारी बताने वाला युवक पिछले कई माह से डिप्रेशन का शिकार है। पूछताछ के बाद उसे छाेड़ दिया गया। जांच में सामने आया है कि वह काेई अधिकारी नहीं है। काेई केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार व्यक्ति महेंद्रगढ़ की एक एकेडमी में गणित पढ़ाता था। हालांकि पिछले कुछ समय से नहीं पढ़ा रहा था।

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